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मंजरी मणि त्रिपाठी की नाटक सुनोगे नहीं क्या का मंचन

नाटक में पटना के स्लम क्षेत्र के बच्चों ने दिखाए हुनर का जलवा

एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। वॉइस इन्टू थिएटर के बैनर तले मंजरी मणि त्रिपाठी द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक सुनोगे नहीं क्या का मंचन 16 जुलाई को किया गया।

उक्त नाटक का मंचन बिहार की राजधानी पटना के खजाँची रोड स्थित राममोहन रॉय सेमनरी हाई स्कूल परिसर में सुबह 9 बजे आयोजित किया गया। इस नाटक की खास बात यह कि इसमें भाग लेने वाले सारे बच्चे स्लम बस्ती गाँधी मैदान पटना के हैं।

उक्त जानकारी देते हुए लोक पंच के सचिव सह प्रसिद्ध रंगकर्मी मनीष महीवाल ने बताया कि उक्त नाटक के माध्यम से बच्चों द्वारा बताया गया कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना कैसे हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो गया है। बड़ों के साथ-साथ आजकल कम उम्र के बच्चों पर भी इसका कितना बुरा असर पड़ रहा है।

कैसे समाज से कट कर सबका जीवन एक मोबाइल में सीमित हो गया है। कम उम्र में स्मार्टफोन की लत की वजह से बच्चे सामाजिक तौर पर विकसित नहीं हो पाते हैं। बाहर खेलने न जाने की वजह से उनके व्यक्तित्व का विकास नहीं हो पाता है।

उक्त नाटक में बताया गया है कि मोबाइल फ़ोन बच्चों को अविश्वसनीय स्रोतों, गलत सूचना, प्रचार, अनुचित सामग्री और ऐसी अन्य चीज़ों के संपर्क में ला सकता है, जो उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन को काफ़ी हद तक नुकसान पहुँचा सकते हैं। सोशल मीडिया की लत, साइबर बुलिंग, शरीर की छवि से जुड़ी समस्याएँ, अवसाद, चिंता, अलगाव आदि कुछ ऐसी समस्याएँ हैं जो मोबाइल द्वारा उत्पन्न होती हैं।

महीवाल के अनुसार उक्त नाटक में बाल कलाकार कोमल, डुग्गू, लक्ष्मी, विक्की, अंकित, समर, बादल, खुशी, सुर्वी, संध्या, आनंद, राधिका, रोली, नैतिक, आकाश, रागिनी और राखी ने अद्भुत कला का प्रदर्शन किया है। उक्त नाटक की लेखिका एवं निर्देशिका मंजरी मणि त्रिपाठी है।

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