एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सेल मे सिर्फ बोकारो स्टील मे ब्लडप्रेशर और सुगर के नाम पर काम से बैठाये जाने के खिलाफ नन एनजेसीएस द्वारा 11 जूलाई को एक दिवसीय 9 सूत्री मांग पत्र सह हड़ताल नोटिस दिया गया है जिसे शत प्रतिशत सफल करने के उद्देश्य से प्लांट मे 2 जूलाई से विभिन्न विभागों मे चलाए जा रहे जनजागरण के तहत 5 जुलाई को सीआरएम-1, 2 और 3 मे काम कर रहे ठेकाकर्मियों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उक्त कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री सह नन एनजेसीएस के संयोजक बी. के. चौधरी ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट के इतिहास मे पहली बार ठेकेदार मजदूर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है, जिसमें वे हड़ताल से पूर्व हीं सफल हो रहे है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बीते 2 जूलाई को कोक ओवेन मे और 5 जूलाई को प्लांट गोल चक्कर पर हजारों-हजार मजदूरों ने अपनी चट्टानी एकता के साथ आवाज बुलंद किया।
कहा कि विभागीय जनजागरण मे मजदूरों की भारी संख्या में उपस्थित होना इस बात को परिलक्षित करता है कि वे अपने अस्तित्व की लड़ाई मे सफल है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आगामी 11 जूलाई को निश्चित रूप से प्लांट जाम आंदोलन सफल होगा।
इस अवसर पर जय झारखंड मजदूर समाज के मजदूर के कार्यालय मंत्री आर. बी. चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यहां कार्यरत ठेका मजदूर शुरू से हीं ठेकेदार, इन्जीनियर, इंचार्ज गठजोड़ के कारण आर्थिक और मानसिक शोषण से जूझ रहे थे। अब तो उनके सामने अपनी रोजी रोटी पर बन आया है।
बीएसएल प्रबंधन को प्लांट हित और रोज कमाने और खाने बाले मजदूर के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। तत्काल प्रभाव से प्रभावित मजदूरों को बोकारो जनरल अस्पताल से दवा का पर्ची लिखते हुए दवा दिया जाना चाहिए। दवा का सेवन करते हुए मजदूरों को काम पर वापस भेजना चाहिए।
इस अवसर पर झारखंड मजदूर समाज महामंत्री बी. के चौधरी ने मजदूर हित मे काम करने बाले युनियनों से अपील करते हुए कहा कि इस्पात मजदूर मोर्चा (सीटू) की तरह इस हड़ताल का सिर्फ समर्थन हीं नहीं, जमीनी स्तर पर भी विरोध होना चाहिए।
कार्यक्रम मे उपस्थित जनता मजदूर सभा के महामंत्री संदीप कुमार आस ने कहा कि जनजागरण कार्यक्रम मे अपेक्षाकृत ज्यादा उपस्थिति एवं प्रबंधन के खिलाफ मजदूरों का आक्रोश इस बात को दर्शाता है कि उनकी मांगे उनके बहुत करीब आ चुका है। बाकी पूरा मांग आगामी 11 जूलाई को होनेवाले संपूर्ण हड़ताल के बीच आ जायगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ अनफिट तक सिमित नही होकर बांकी 9 सूत्री मांगो पर प्रबंधन को झूकना पड़ेगा।
कार्यक्रम मे मुख्य रूप से यूनियन के संयुक्त महामंत्री एन. के. सिंह, एस. के. सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, माणिक चन्द्र साह, देवेंद्र गोराई, ओमप्रकाश चौहान, सी. प्रिंस, बिखेर साव, भूषण पासवान, राजकुमार, राजकपूर, रवि कर्मकार, दिवाकर, मंटू, माणिक, एल. मांझी, रोशन कुमार, रामा रवानी, बिजय साह, बालेसर राय, विश्वजीत मोहंती, बादल कोईर, शशिकांत, आर. आर. सोरेन, एस. आर. टूडू, के. रजवार, सुरेश प्रसाद, हरिमोहन प्रसाद, डी. महतो आदि उपस्थित थे।
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