Advertisement

एक ही छत के नीचे होती है राम रहीम की अराधना

मुश्ताक खान/ मुंबई। देश में लगभग हर तरफ जातीवाद और जातियता कि प्रथा तेजी से बढ़ती जा रहा है। वही मुंबई के कुर्ला में एक ऐसा भी घर है, जहां एक ही छत के नीचे राम रहीम दोनों की अराधना की जाती है। ऐसे एक नहीं अनेक उदाहरण देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिलेगा। चंद्रकांत देवलेकर ने मुस्लिम समाज की सायरा से वर्ष 1978 में विवाह कर ली। एक तरफ सायरा रोजा और नमाज करती हैं तो दूसरी तरफ देवलेकर गणपति बप्पा की पूजा अर्चना करते हैं।

इतना ही नहीं दोनों एक दूसरे के धर्म के प्रति आस्था रखते हैं। सायरा के पति देवलेकर हर साल माहे रमजान में पहला, पंद्रहवां और आखरी रोजा रखते हैं। वहीं श्रावण के पवित्र माह में हर सोमवार और शनिवार को व्रत रखते हैं। सायरा से स्मिता बनी उनकी पत्नी अब साहिल की मां हैं। फिलहाल मैं बात कर रहा हुं, कुर्ला पूर्व के वरिष्ठ नागरिक चंद्रकांत यशवंत देवलेकर की। लगभग 66 वर्षीय देवलेकर शांताई प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष हैं। इन्होंने अपनी माता जी के नाम से इस संस्था की स्थापना कर गरीब और बेसहारों को सहारा देते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चंद्रकांत देवलेकर का जन्म 10 मार्च 1952 में महाराष्ट्र मुंबई के लोअर परेल में हुआ था। साधारण परिवार के चंद्रकांत देवलेकर ने मुस्लिम समाज की सायरा से वर्ष 1978 में विवाह कर अपनी घर गृहस्ती बसा ली। सायरा से स्मिता बनी उनकी पत्नी अब साहिल की मां हैं। देवलेकर अपने जन्मदिन पर शांताई प्रतिष्ठान नामक गैरसरकारी संस्था के बैनर तले गरीबों की यथासंभव सहायता करते रहे हैं।

इस वर्ष अपने 67वें जन्मदिन के अवसर पर वो कुछ बड़ा करने की सोच रहे हैं। मौजूदा समय में शांताई प्रतिष्ठान से जुड़े लोग अपने -अपने स्तर से देवलेकर का जन्मदिन मनाने कि योजना बना रहे हैं। उनके खासम खास लोगों ने बताया कि इस वर्ष जन्मदिन के अवसर पर अनाथ आश्रम में कुछ बड़ा करने की प्लानिंग है। क्योंकि इससे पहले उन्होंने चेंबूर, कुर्ला की गरीब बस्तियों में गरीबों की यथा संभव सहायता की है। इस बार 67वें जन्मदिन पर दोहरे कार्यक्रम की संभावना जताई जा रही है।

 


Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *