सुरक्षित उत्पादन और सुरक्षित मजदूर-अधिकारी सुरक्षा के मापदंड हैं-जीएम
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। इंडियन नेशनल माइन ऑफिशियल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ एसोसिएशन (इनमोसा) की एक बैठक 6 जून को बोकारो जिला के हद में करगली स्थित महाप्रबंधक कार्यालय में आयोजित किया गया।
जानकारी के अनुसार इनमोसा के सीसीएल बीएंडके क्षेत्र की ओर से कई मांगों को लेकर महाप्रबंधक के साथ जीएम कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में जीएम के. रामाकृष्णा ने कहा कि कोयला खदानों में कामगारों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खदान, सुरक्षित उत्पादन और सुरक्षित मजदूर-अधिकारी ही सुरक्षा के मापदंड हैं।
जीएम रामकृष्ण ने कहा कि कोयला उत्पादन में माइनिंग सरदार और ओवरमैन की भूमिका अहम होती है। बैठक के दौरान इनमोसा के प्रतिनिधियों ने खदान की सुरक्षा को लेकर अहम सुझाव भी दिए। खदानों में सुरक्षा नियमों की कमियों को तत्काल दूर कर सुरक्षित उत्पादन पर बल दिया।
साथ हीं खदानों के आउटसोर्सिंग और डिपार्टमेंटल पैच में पर्याप्त मात्रा में लाइटिंग की व्यवस्था, खदानों के हॉल रोड में पानी का छिड़काव और आउटसोर्सिंग पैच में काम करने वाले कामगारों का आई कार्ड सहित कई मांगों को विस्तार पूर्वक रखा।
बैठक में इनमोसा के एरिया सचिव डी पी मौर्या ने सीसीएल में माइनिंग सरदार और ओवरमैन की कमी अविलंब दूर करने, इनमोसा का प्रतिनिधित्व सभी कमेटियों में सुनिश्चित करने, माइंस एक्ट प्रावधान के अनुसार माइनिंग सुपरवाइजरी स्टाफ का प्रमोशन सहित कई मांगों को रखा।
मौके पर एसओपी राजीब कुमार, एएफएम जी चौबे, इनमोसा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, कारो सचिव सचिव निरंजन सिंह, बोकारो कोलियरी सचिव रौशन सिंह, खासमहल सचिव शैलेन्द्र कुमार सहित डोमन पासवान, मोहम्मद खुर्शीद, मकसूद आलम, शैलेंद्र कुमार, सुदीश कुमार, महेश रजक आदि मौजूद थे।
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