पीयूष पांडेय/बड़बील (ओडिशा)। ओडिशा में लगातार बारिश के कारण बैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ने से राज्य के जाजपुर जिले में भीषण बाढ़ आ गई है। अबतक चार गाँवों के लगभग 600 रहिवासी और 150 परिवार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
जाजपुर के एक अधिकारी ने 29 जुलाई को बताया कि जिला प्रशासन ने दशरथपुर और जाजपुर ब्लॉक के जलमग्न गाँवों से प्रभावित रहिवासियों को निकाला है और बचाव एवं राहत अभियान शुरू कर दिया गया है।
जाजपुर के अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट सिबानंद स्वाईं ने आश्वासन दिया कि स्थिति नियंत्रण में है। कहा कि नदी का जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एडीएम स्वाईं ने बताया कि जल स्तर बढ़ा है, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। चार गाँव प्रभावित हुए हैं, जिनमें 150 घरों के लगभग 600 रहिवासी शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितो को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया है और उन्हें भोजन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि, अब नदी का जल स्तर कम हो रहा है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ज्ञात हो कि जाजपुर ज़िला प्रशासन ने बीते 26 जुलाई को अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद बाढ़ की चेतावनी जारी की थी। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता लिंगराज गौड़ ने कहा कि बीते 25 जुलाई को बैतरणी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश हुई। कुछ जगहों पर तीन दिनों तक लगभग 150 मिमी से 200 मिमी तक बारिश हुई। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गयी है। उन्होंने कहा कि अखुआपाड़ा डैम का खतरे का स्तर 18.33 मिमी है, वर्तमान स्तर 18.8 मिमी है। प्रति घंटे 12 मिमी की वृद्धि देखी जा रही है। इसलिए यह 19 मिमी या उससे अधिक हो सकता है। बाढ़ जैसी स्थिति है, लेकिन भारी बाढ़ नहीं है।
इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने बीते 28 जुलाई के लिए पीली चेतावनी जारी की, जिसमें बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़, झाड़सुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार 26 से 29 जुलाई के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर 35-45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
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