पीयूष पांडेय/बड़बिल (ओडिशा)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के अलावा राज्य के चार अन्य शहरों को डिजिटल हब के रूप में विकसित करेगी। सरकार की योजना राज्य के युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और कई अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से लैस करने में सक्षम बनाने का प्रयास है।
सीएम माझी ने कहा कि सरकार कटक, राउरकेला, संबलपुर और बेरहमपुर में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का विकास करने के लिए उत्सुक है। राज्य के एक अधिकारी ने इस अवसर पर बताया कि राज्य सरकार ने अनुसंधान, ओ-चिप कार्यक्रम चलाने, तकनीकी सहयोग को मज़बूत करने और राज्य में स्टार्टअप नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी विभाग और आईआईटी भुवनेश्वर के बीच अनुसंधान, पायलट परियोजनाओं, नीतिगत सुझावों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
बताया गया कि ओ-चिप कार्यक्रम चलाने के लिए राज्य के स्वामित्व वाले ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर और सेमी कंडक्टर फैबलेस एक्सेलरेटर लैब (एसएफएएल) के बीच एक और समझौता किया गया है। उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और निर्माण के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना और राज्य में उच्च-स्तरीय रोज़गार पैदा करना है। अधिकारी ने बताया कि तीसरा समझौता ज्ञापन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंप्यूटर सॉफ्टवेयर निर्यात संवर्धन परिषद, ओडिशा और हिताची एमजीआरएम के बीच तकनीकी सहयोग के लिए किया गया तथा चौथा समझौता ज्ञापन टीआईई भुवनेश्वर और स्टार्टअप नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इनक्यूबेशन केंद्रों के बीच किया गया।
ज्ञात हो कि, बीते 10 अगस्त को टाईइकॉन भुवनेश्वर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए सीएम माझी ने कहा कि राज्य अपने युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से लैस करने में सक्षम बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारा प्रयास इस विकास को भुवनेश्वर से आगे कटक, राउरकेला, संबलपुर और बेरहमपुर जैसे शहरों तक ले जाना है, जिन्हें डिजिटल हब की अगली लहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य का दृष्टिकोण केवल जीडीपी वृद्धि नहीं बल्कि रोज़गार सृजन, युवाओं को सशक्त बनाना और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाना है। उन्होंने निवेशकों और उद्यमियों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए सीएम माझी ने कहा कि, एक बार जब आप हमारे साथ यहाँ आएँगे, तो आपको लगेगा कि ओडिशा आपका दूसरा घर है। आपको यहाँ अपनेपन का एहसास होगा। हम सब मिलकर ओडिशा को पूर्वी भारत की उद्यमशीलता की राजधानी बना सकते हैं और पूर्वोदय – पूर्व के उदय – के दृष्टिकोण को सही मायने में साकार कर सकते हैं। कार्यक्रम में भारत और विदेशों से उद्यमी, निवेशक, नीति निर्माता और नवप्रवर्तक विचारों का आदान-प्रदान करने, सहयोग बढ़ाने और उभरते क्षेत्रों में अवसरों का पता लगाने के लिए एक साथ आए।
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