गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार में आगामी 6 नवंबर को होनेवाले प्रथम चरण के चुनाव में वैशाली जिले के आठ विधानसभा क्षेत्र में लालगंज विधानसभा क्षेत्र इस बार के चुनाव में चर्चित क्षेत्र बन गया है।
ज्ञात हो कि वैशाली जिले के किसी भी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी दलिए प्रत्याशी में लालगंज से राजद की प्रत्याशी शिवानी शुक्ला मात्र 28 वर्ष की है। इन्होंने अपनी शिक्षा विदेश से पूरी की है।
लालगंज विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भाजपा प्रत्याशी संजय कुमार सिंह वर्तमान विधायक भी हैं, जिनका सीधा मुकाबला अब राजद की शिवानी शुक्ला से है। शिवानी लालगंज के पूर्व विधायक बाहुबली विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और पूर्व विधायक अनु शुक्ला की छोटी पुत्री है। शिवानी की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम से हुई और उसने बेंगलुरु के एलाइंस यूनिवर्सिटी से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही शिवानी ने लंदन के लीड्स यूनिवर्सिटी से मास्टर आफ लॉ की अपनी पढ़ाई पूरी की है। पिछले वर्ष उसकी शादी वरुण तिवारी के साथ हुई है।
ज्ञात हो कि, शिवानी के पिता पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला वर्तमान में बिहार के पुर्व मंत्री बृजबिहारी हत्याकांड में कारावास की सजा काट रहे हैं। मुन्ना शुक्ला के जेल जाने के बाद उनकी पत्नी अनु शुक्ला और बेटी शिवानी लालगंज विधानसभा क्षेत्र के हर गांव के मतदाताओं से अपना संपर्क अभियान जारी किए थी। लंदन में पढ़ी शिवानी लालगंज क्षेत्र की जनता के साथ स्थानीय भाषा में संवाद करती है और उसने आपकी बेटी आपके द्वारा कार्यक्रम के तहत हर घर जाकर क्षेत्र की जनता में अपनी एक अलग छवि बनाई, लालगंज की बेटी के रूप में अपने को प्रस्तुत किया।
इस बार विधानसभा चुनाव में नामांकन के पूर्व लालगंज विधानसभा सीट महागठबंधन के घटक कांग्रेस पार्टी में चली गई और लालगंज से कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य कुमार राजा ने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया, लेकिन लालगंज विधानसभा क्षेत्र के राजद के कार्यकर्ता और पदाधिकारी ने शिवानी शुक्ला को अपना समर्थन दिया। जिस वजह से नामांकन के अंतिम दिन शिवानी को लालगंज विधानसभा क्षेत्र से राजद का प्रत्याशी घोषित किया गया और शिवानी ने राजद प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।
शिवानी के नामांकन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य राजा ने अपना नफा नुकसान समझकर नामांकन वापस ले लिया, जिस वजह से लालगंज में राजद उम्मीदवार शिवानी और भाजपा प्रत्याशी संजय के बीच आमने-सामने का मुकाबला हो गया है।
ध्यान देने योग्य है कि राजद प्रत्याशी शिवानी के पिता मुन्ना शुक्ला एक दबंग भूमिहार नेता की छवि रखते हैं तथा उनके विरोधी इन्हें बाहुबली और आपराधिक चरित्र का बताते हैं। लेकिन पिता के जेल में रहने के बावजूद विपरीत परिस्थितियों में शिवानी ने अपनी और मां की मेहनत की बदौलत पूरे विधानसभा क्षेत्र में अपने पक्ष में चुनावी माहौल बना लिया है। जिस वजह से लालगंज विधानसभा क्षेत्र में तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही है।
पिछले दिनों वैशाली पुलिस कंट्रोल रूम और क्टा पुलिस थाने में मोबाइल से शिवानी शुक्ला को पंचायत में प्रचार के लिए आने पर गोली मारने की धमकी दी गई, जिस पर पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए धमकी देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और शिवानी को सुरक्षा गार्ड मुहैया कराया गया। इसी बीच प्रशासन ने बीते 26 अक्टूबर को शिवानी को दिए गए गार्ड को वापस ले लिया है। साथ हीं पटना के बेउर जेल में बंद उसके पिता मुन्ना शुक्ला को भागलपुर सेन्ट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। जिस वजह से लालगंज विधानसभा क्षेत्र में इसकी काफी चर्चा है।
इधर राजद प्रत्याशी शिवानी शुक्ला ने सरकार पर अपने पिता की हत्या करवाने की आशंका जताई है। उपरोक्त घटनाओं के बाद भी शिवानी के प्रचार पर कोई असर नहीं दिख रहा है। शिवानी के साथ उनके समर्थक जी-जान से लगे हैं। अपने पिता के भागलपुर जेल भेजे जाने के बाद राजद प्रत्याशी शिवानी ने कहा कि वह शेर की बेटी है। किसी से नहीं डरती। शिवानी अपनी बातों से राजनीतिक सुस्ती को तोड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी की नजर में कोई काम नहीं हुआ है, जो ऐसा कह रहे हैं, उन्हें दिखाना चाहिए कि विकास कहां है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विकास इतनी ऊंचाई पर पहुंच गया है कि जहां गरीबी रेखा 800 रुपये के आसपास है, वहीं गैस सिलेंडर 970 रुपये का हो गया है।
लालगंज सीट का बाहुबली शुक्ला परिवार के लिए ऐतिहासिक महत्व
ज्ञात हो कि बाहुबली मुन्ना शुक्ला ने वर्ष 2000 में जेल में रहते निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर यह सीट जीती थी। बाद में उन्होंने वर्ष 2005 में एलजेपी और जदयू के टिकट पर भी जीत हासिल की। वर्ष 2010 में मुन्ना शुक्ला को न्यायालय से सजा मुकरर होने पर उनकी पत्नी अन्नू शुक्ला ने जदयू के टिकट पर यह सीट जीतकर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया था। हालांकि, मुन्ना शुक्ला वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद के टिकट पर हार गए थे, लेकिन अब शिवानी एक नई सोंच और आधुनिक अंदाज के साथ परिवार की राजनीतिक लौ को फिर से जलाने की कोशिश रही है।
शिवानी अपनी संपत्ति से ज्यादा की कर्जदार
शिवानी ने अपने चुनावी हलफनामे में 21 लाख रुपये से ज्यादा की चल संपत्ति घोषित की है। उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। उन्होंने लंदन में अपनी पढ़ाई के लिए 36 लाख रुपये का शिक्षा ऋण भी लिया है। उनके पति के पास 48,900 रुपये नकद हैं। लालगंज विधानसभा क्षेत्र में राजद प्रत्याशी शिवानी शुक्ला की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर भाजपा के वरीय नेता लालगंज क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं।
जिले के कद्दावर नेता और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के वर्तमान विधायक लालगंज खास कृपा पात्र हैं, जिस वजह से नित्यानंद राय भी अपने प्रत्याशी की जीत के लिए जी जान से कोशिश लगाए हैं, लेकिन भाजपा खेमे में इस तरह हड़कंप है कि भाजपा प्रत्याशी को जीताने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लालगंज में सभा रखी गई है। यह भी सुनने को आ रहा है कि लालगंज में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी चुनावी सभा को संबोधित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर राजद प्रत्याशी शिवानी शुक्ला ने लालगंज में अपना दमखम दिखा दिया है और शिवानी के साथ आम जनता खासकर युवाओं की एक फौज देखने को मिल रही है। साथ ही सभी जातियों का समर्थन शिवानी को देखने को मिल रहा है। अगर शिवानी यह चुनाव जीतती है तो वैशाली जिले की राजनीति में एक नये तरह के राजनीति का जन्म होगा।
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