अपने देश लौटने के बाद प्रवासी मजदूरों के चेहरे पर दिखी खुशी
प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे झारखंड के 19 प्रवासी मजदूरों में से 17 मजदूरों की 25 अगस्त को वतन वापसी हो गई है। इस कार्य के लिए परिजनों ने सरकार के साथ मिडिया और प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली के प्रति आभार जताया है।
बताते चलें कि झारखंड के हजारीबाग और बोकारो के 19 मजदूर काम करने कैमरून गये थे। ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड कंपनी में काम करने के दौरान 11 मजदूरों को चार महीने और 8 मजदूरों को दो महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा था। इस वजह से प्रवासी मजदूरों को खाने पीने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद पीड़ित मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर वतन वापसी की गुहार लगाई थी। इसके बाद सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सभी मजदूरों की वतन वापसी कराई।
समाजसेवी सिकन्दर अली ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए लाखों प्रवासी मजदूर विदेश और परदेश की ओर रूख अख्तियार करते हैं।इस दौरान कई घटनाएं घटित होती हैं, जो काफी दर्दनाक होता है। न चाहते हुए भी इंसान को जीविकोपार्जन के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
वापसी करने वाले 17 मजदूरों में हजारीबाग रहिवासी आघनू सोरेन, अशोक सोरेन, चेतलाल सोरेन, महेश मरांडी, रामजी मरांडी, लालचंद मुर्मू, बुधन मुर्मू, जिबलाल मांझी, छोटन बास्के तथा राजेंद्र किस्कू एवं बोकारो के प्रेम टुडू, सिबोन टुडू, सोमर बेसरा, पुराण टुडू, रामजी हांसदा, विरवा हांसदा, महेन्द्र हांसदा शामिल हैं। जबकि हजारीबाग जिला के हद विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के नरकी रहिवासी फूलचंद मुर्मू और बोकारो जिला के हद में नावाडीह थाना क्षेत्र के पोखरिया रहिवासी बब्लू सोरेन की 26 अगस्त को वतन वापसी होगी।
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