प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी इबित्दा नेटवर्क और रूपायनी द्वारा 16 दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत किशोरियों के द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता से की गई।
प्रतियोगिता (Competition) के पूर्व किशोरियों को संविधान के प्रस्ताव को सुनाया गया और उनको यह बताया गया कि किस प्रकार विकलांग महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन हम और समाज के लोग रोज रोज करते हैं।
शिविर में उपस्थित किशोरियों का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया गया कि कैसे विकलांग महिलाओं को उनके शारीरिक कमियों के कारण अलग-अलग उपाधियां दी जाती है।
उनके अभिव्यक्ति के अधिकारों को दबाया जाता है। कार्यक्रम (Programme) के समय रूपायनी संस्था के सचिव डॉ सीए कुमार, कार्यक्रम प्रभारी अमृतांजलि, रिया, आंचल, नेहा सहित संस्था के सदस्यगण मौजूद थे।
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