प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला (Giridih district) के सीमांकन क्षेत्र के हजारीबाग जिला के हद में स्थित विष्णुगढ़ प्रखंड के चानो व बनासो के पिरिंजिया टांड में 7 सितंबर को रक्षाबंधन कर वन महोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर पिरिंजियाटांड जंगल में पूजा अर्चना कर महोत्सव की शुरुआत कोडरमा सांसद प्रतिनिधि-सह- जिला परिषद प्रतिनिधि भुवनेश्वर पटेल एवं पूर्व मुखिया डुमरचंद महतो, वन समिति के अध्यक्ष महादेव मुर्मू उपाध्यक्ष सुरेश राम, सचिव रमेश टूडू, सिपाही शेख खलील, हीरालाल टूडू, कल्लू सोरेन राजेश टूडू, चेतलाल टूडू, वनरक्षी अंशु पांडेय ने पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधा। महोत्सव का आयोजन पिरिंयाटांड में पर्यावरण एवं वन रक्षा समिति द्वारा किया गया था।
यहां आयोजित वन महोत्सव की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष महादेव मुर्मू एवं संचालन उपाध्यक्ष सुरेश राम ने की। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि भुवनेश्वर पटेल ने कहा कि प्रकृति प्रदत्त वायु, जल व प्रकाश से हमारा जीवन चल रहा है।
उसके बदले वृक्ष लगाकर और पर्यावरण की सुरक्षा कर हम प्रकृति की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण की सुरक्षा कर हम प्रकृति की ओर लौट सकते हैं। आज पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेवारी बन चुकी है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व मुखिया डूमरचंद महतो ने कहा कि पिरिंजिटांड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मौजूद है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन प्रकृति को प्रभावित करता है। वन एक औषधालय है, जहां सभी प्रकार के औषधि मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि जल, जंगल व् जमीन को बचाने बचाना हमारा काम है। जंगल झारखंडी संस्कृति का प्रतीक है। यह जीवन से भी जुड़ा है।
समारोह में स्कूली बच्चे एवं अगल बगल के गांव वासी शामिल होकर वन आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया एवं प्रदर्शनी लगाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चेतलाल टूडू, बाबूलाल टूडू, तुला महतो, रामेधर महतो, राजेश टूडू, तस्लीम राय, चेतन महतो, टेकलाल महतो, पोखन, रामचंद्र महतो, अनिल टूडू, दशरथ मुर्मू, पुजारी अकलू टूडू, डॉ हेमंत पांडेय का सराहनीय योगदान रहा। समारोह में काफी संख्या में स्थानीय रहिवासी उपस्थित थे।
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