फोर्सेस झारखंड की पहल
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। भारत में बच्चों की शिक्षा के लिए एक सार्वजनिक घोषणा पत्र द्वारा देश के बच्चो के लिए 12 सूत्री मांग पत्र धनबाद और गिरिडीह लोकसभा के मुख्य प्रत्याशियों, झारखंड के कैबिनेट मंत्री तथा प्रतिनिधियों को सौंपा जा रहा है।
इसी क्रम में 22 मई को झारखंड फोर्सेस, सीएसीएल के साथ मिलकर सहयोगिनी बोकारो के कार्यकर्ताओं द्वारा गिरिडीह एवं धनबाद लोकसभा के राष्ट्रीय दल एवं निर्दलीय प्रत्याशियों को बच्चो का मांग पत्र मेनिफेस्टो सौंपा गया है।
मांग पत्र में मुख्य रूप से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, समान शिक्षा, बाल श्रम, बाल विवाह पर रोक आदि शामिल है। सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम नियम लागू होने के 14 वर्ष बाद भी एक सामान्य स्कूल प्रणाली के रूप में शिक्षा के सार्वभौमिक एवं उच्च गुणवत्ता वाले मानव को सुनिश्चित करना तो दूर देश में इस कानून का पालन केवल 25.5 प्रतिशत स्कूल में ही मौजूद है।
बताया गया कि 8.4 लाख शिक्षकों के पद खाली है और लगातार शिक्षकों की जगह संविदा शिक्षक लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अनुमान है कि भारत के 19 लरटीस स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियाँ है। साथ में एक स्कूल केवल एक शिक्षक द्वारा चलाया जा रहा है। देश में 44 प्रतिशत शिक्षक नौकरी के अनुबंध के बिना काम करते हैं। सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त करने में विफल रहते हैं।
जबकि शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु योग्य और प्रेरित शिक्षकों का होना जरूरी है। इसके अलावा सभी शिक्षकों के ऊपर गैर शैक्षणिक कार्य का दबाव होता है।
सागर ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार कार्य घंटा के 20 से 25 प्रतिशत समय गैर शैक्षणिक कार्य में जाता है।
पाठ्यक्रम और शिक्षक की सामग्री में भी लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उक्त सार्वजनिक घोषणा पत्र पर पंचायत के जन प्रतिनिधियों के साथ भी सामूहिक चर्चा किया जा रहा है, ताकि देश के भविष्य बच्चो का सर्वांगीण विकास हो सके और बच्चो का बचपन सुरक्षित हो सके।
इस दौरान सहयोगिनी के रवि कुमार राय, अनिल कुमार हेंब्रम, कुमारी किरण, सूर्यमुनी देवी, फुलेंद्र कुमार रविदास, मंजू देवी आदि जगह-जगह घूम कर बच्चों के अधिकार को लेकर लोकसभा प्रत्याशियों तथा राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को मांग पत्र प्रदान कर रहे हैं।
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