Advertisement

लहरियाटांड़ के विस्थापित 12 से करेंगे गोविंदपुर परियोजना का चक्का जाम

विस्थापित प्रमाण पत्र व् अन्य मांगों को लेकर परियोजना समीप 24 दिनों से धरना जारी

राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। विस्थापित प्रमाण पत्र सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर गोविंदपुर परियोजना के समीप लहरियाटांड़ के विस्थापितों द्वारा बीते 15 जुलाई से लगातार धरना दिया जा रहा है। वही सीसीएल प्रबंधन द्वारा विस्थापितों के समस्याओं का समाधान कर आंदोलन समाप्त करने के प्रति कोई पहल नहीं किए जाने के कारण आगामी 12 अगस्त से परियोजना का चक्का जाम आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।

लहरियाटांड़ ग्राम विकास समिति के सचिव दुलेश्वर प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणों ने 10 अगस्त को बताया कि वर्ष 1980 में विस्थापितों की जमीन को सीसीएल गोविन्दपुर परियोजना द्वारा अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद वे सभी भूमि हीन हो गए हैं। कहा कि जमीन अधिग्रहण करने के बाद भी विस्थापितों को पुनर्वासित नही किया गया, जिस कारण सभी विस्थापित लहरियाटांड़ गांव में ही 44वर्षों से रह रहे है।

कहा गया कि सीसीएल प्रबंधन विस्थापितों को न पुनर्वासित कर रही है और न ही जमीन का मालिकाना हक दी दे रही है। इसके अलावे सीसीएल प्रबंधन द्वारा गांव में कोई भी विकास कार्य भी नही करवा रही है। जिस कारण हम ग्रामीणों की स्थिति बद से बदतर हो गई है।

साथ ही कहा कि विस्थापन प्रमाण पत्र नहीं मिलने से विस्थापित ग्रामीण रहिवासी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से भी वंचित हैं। कहा कि सीसीएल प्रबंधन अगर उनकी के मांगो को नही मानेगी तो आगामी 12 अगस्त से पुनः गोविंदपुर परियोजना में चक्का जाम आंदोलन शुरु किया जाएगा।

बताया गया कि बीते 15 जुलाई को गोविंदपुर परियोजना पदाधिकारी ए.के. तिवारी ने 15 दिनों के अंदर विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिए थे, परंतु 24 दिन बीत गया है। विस्थापित अभी भी धरना में बैठे है। उनकी समस्या का समाधान अभी तक नहीं किया गया है।

बताया गया कि विस्थापितों की प्रमुख मांगों में विस्थापन प्रमाण पत्र जारी करना, गांव के मुख्य सड़क का निर्माण और पानी की समस्या हल करना आदि शामिल है। इस अवसर पर ग्राम विकास समिति अध्यक्ष चंद्रिका रजक, सचिव दुलेश्वर प्रजापति सहित पंचायत समिति सदस्य बेबी रजक, चोलाराम प्रजापति, रामेश्वर प्रसाद, घनश्याम रजक, कृष्णा रजक, रामेश्वर यादव, मुलचंद प्रजापति, महेश रजक, प्रेम चंद प्रजापति, मोहन प्रजापति, राजेश रजक आदि धरना में शामिल थे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *