श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला का वर्णन

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित जलाराम मंदिर प्रांगण में आयोजित दस दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन 3 अप्रैल को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन लीला का वर्णन किया गया। इस दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण ने सात कोष लंबे चौड़े कालीकाल के देवता गोवर्धन नाथ को सात दिन रात अपने कनिष्ठ उंगली से उठाकर रखा और इंद्र देव का अभिमान तोड़ा।

श्रीमद्भागवत कथा के अनुसार भगवान ने कहा कि, कर्म करना जीव का काम है, फल देना मेरा कार्य है। पांचवें दिन की कथा में पूतना आदि राक्षसों का वध किया गया। भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था में यशोदा मैया के साथ क्रीड़ा की। पांचवें दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण का गोप-गोपियों के साथ प्रेम का वर्णन की झांकी प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को मारा, जिसका वर्णन भी इस दिन की कथा में आया। श्रीकृष्ण की माखन चोरी की लीला भी दिखाया गया।

दस दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन की कथा में पूज्य मोहित भाईजी राज्यगुरु द्वारा श्रीमद्भागवत कथा सुनने के फायदे बताए। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से धर्म के प्रति आस्था बनती है। जीवन में भगवान की भक्ति की जाग्रति होती है। आत्म शांति मिलती है। विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग प्राप्त होता है।

इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्यों में हरीश दोशी उर्फ राजू भाई, पंकज ठक्कर, आनंद मानेक, नीलेश चौहान, राजेश चौहान, कुणाल टांक, हेमंत पटेल, मुकेश चौटालिया, अनुराग पटेल, विजय पटेल, शरद पटेल, बिनोद पटेल, गुजराती समाज ओडिशा के अध्यक्ष हेमन्त भाई ठक्कर, भरत ठक्कर, किरीट ठक्कर, कुमार भाई पुजारा, मंगला बेन, यसु बेन, भारती बेन, चंचला बेन सहित कई अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

 38 total views,  38 views today

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *