एस.पी.सक्सेना/पलामू(झारखंड)। पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने 25 सितंबर को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया। इसमें जिले के विभिन्न स्थानों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखते हुए गुहार लगाई। इससे पूर्व कोरोना महामारी को देखते हुए सभी फरियादियों के हाथों को सैनिटाइज कराया गया। उपायुक्त ने कुछ मामलों का ऑन स्पॉट निपटारा किया। वहीं अन्य मामलों को संबंधित विभाग को भेजते हुए तत्काल निष्पादन का निर्देश दिया।
जनता दरबार में उपस्थित फरियादी गीता देवी ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद अंचल कार्यालय नौडीहा बाजार में अनुसेवक के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु सेवाकाल में ही 11 सितंबर 2016 को हो गयी थी। गीता देवी ने उपायुक्त को बताया कि उनके पति की मृत्यु के 4 साल बीतने के बाद आज तक ना तो परिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई है और ना ही मृत्यु पश्चात कोई पावना दी गई है। वह एक विधवा एवं लाचार महिला है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रावधान के अनुसार जिसका सीपीएफ कटा है। सेवाकाल में मृत्यु बाद पारिवारिक पेंशन झारखंड सरकार के द्वारा देने का प्रावधान है। उन्होंने उपायुक्त से पारिवारिक पेंशन एवं अन्य पावना भुगतान कराए जाने से संबंधित अनुरोध किया। इसी प्रकार शहर के वार्ड क्रमांक आठ से आयी बिमला अग्रवाल ने अपने लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत आवास देने का अनुरोध किया। चैनपुर से आयी सरिता देवी ने उपायुक्त को बताया कि उन्हें ट्यूबेक्टॉमी आपरेशन की आवयश्कता है। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि आपरेशन करवाने में वह आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। जिस कारण ऑपरेशन कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उपायुक्त से समुचित इलाज कराने को लेकर कोई व्यवस्था कराने हेतु अनुरोध किया। उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पीएमसीएच के अधीक्षक को आवश्यक इलाज करने को लेकर निर्देशित किया।
उपायुक्त द्वारा आयोजित जनता दरबार मे विभिन्न प्रखंडों से जुड़े कुल 11 मामले आये। जिसमे वृद्धा पेंशन,विधवा पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन शामिल थे। सभी पेंशन संबंधित आवेदन को संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को अग्रसारित करते हुए 15 दिनों के भीतर स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया। वहीं कई फरियादियों ने उजला राशन कार्ड डिलीट करने को लेकर आवेदन दिया। जनता दरबार में पहुंचे दिव्यांग फरियादियों को सीढ़ी चढ़कर परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसे लेकर उपायुक्त स्वयं कार्यालय से नीचे आकर उनकी समस्या से रूबरू हुए।
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