कई मायनों में खास है यह पुलिस स्टेशन
मुश्ताक खान/ मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी महानगर मुंबई के अधिकांश पुराने पुलिस स्टेशनों में मूसलाधार बारिश के दौरान बरसाती पानी घुस जाता है। इतना ही नहीं निचले इलाके वाली पुलिस स्टेशनों में कहीं- कहीं तो एक से दो फीट पानी भर जाता है। जिसके कारण पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को कम में बाधाएं आती हैं। इनमें कुर्ला पूर्व का नेहरूनगर पुलिस स्टेशन भी शामिल है।
बता दें कि 9 जून को हुई भारी बारिश में पूरा का पूरा पुलिस स्टेशन ही जलमग्न हो गया। नेहरूनगर पुलिस स्टेशन (Nehru Nagar Police station) के अधिकारियों का कहना है की काश इसका भी काया पलटती।

करीब साढ़े तीन दशक पुरानी खण्डहरनुमा इस पुलिस स्टेशन पर सरकार या यहां के आला अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी वर्ना इसका कल्याण हो गया होता। करीब 35 साल पुरानी इस पुलिस स्टेशन का उदघाटन 1986 में हुआ था, जो कई मायनों में खास है। इस पुलिस स्टेशन की हद में कुर्ला रेलवे स्टेशन (Kurla Railway station), बेस्ट डिपो, एस टी डिपो, सयान ठाणे हाईवे और एस सी एल आर के अलावा चर्मउद्योग का महत्वपूर्ण सेंटर भी है।
घनी आबादी वाला यह क्षेत्र शहर मुंबई के निचले इलाके में है। जिसके कारण नेहरूनगर पुलिस स्टेशन की हद में मानसून के दौरान अधिकांश स्थानों पर जल जमाव की स्थिति बनी रहती है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की भारी बारिश के दौरान यहां की फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए हम लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। फाइल व अन्य दस्तावेजों बचाने के लिए हम लोगों ने अपने कबोर्ट (अलमारी) को टेबल के ऊपर रखा है ताकि सुरक्षित बचाया जा सके।
एक अन्य अधिकारी के अनुसार 17 मई 2021 को आई ताऊते तूफान में पुलिस स्टेशन की चारदीवारी के अंदर के कई पेड़ धराशाई हो गए। जिसे निकलवाने में दो तीन दिनों तक पुलिस स्टेशन का लगभग सारा काम बाधित रहा।

यहां की एक दिलचस्प कहानी यह भी है की गर्मी के मौसम में पूर्व गृहमंत्री स्व. आर आर पाटिल और पूर्व मुंबई पुलिस कमिशनर डॉ. ए एन रॉय का विजिट था। उनके विजिट को लेकर यहां के सभी पुलिस कर्मी अलर्ट थे। धीरे- धीरे समय बीतता गया और वे दल बल के साथ दोपहर करीब 3 बजे नेहरूनगर पुलिस स्टेशन में पहुंचे।
यहां के पेड़ पौधों को देखकर गृहमंत्री स्व.आर आर पाटिल और मुंबई पुलिस कमिशनर ए एन रॉय काफी खुश हुए। चूंकि मौसम गर्मी का मौसम था और पेड़ -पौधों से छन कर आती शीतल हवा के झोंकों ने उन्हें काफी सुकून पहुंचाया।
इत्तेफाक से मंत्री और पुलिस कमिशनर की मौजूदगी में यहां के बड़े पेड़ का एक डाल हवा के झोंकों से टूट कर गिरा। इस मंजर को देख कर लगभग दोनों ही चौंक गए और उनके मुंह से अनायास ही निकला ”हे भगवान” बहरहाल इस पुलिस स्टेशन में आने वाले समाजसेवक, नेता और अभिनेता सभी चाहते हैं की आधुनिकता के इस युग में नेहरूनगर पुलिस स्टेशन भी हाईटेक हो।
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