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मुखिया पद पाने के लिए रुपम ने 20 लाख के पैकेज वाली नौकरी भी छोड़ी

एस.पी.सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार में मुखिया बनना कोई आसान काम नहीं है। इस पद को पाने के लिए कई बाहुबली लगे हैं। ऐसे में सहरसा की रहनेवाली रुपम झा ने मुखिया पद पाने के लिए 20 लाख सलाना पैकेज वाली नौकरी को दरकिनार कर दिया है। यह चर्चा बिहार के हर चौक-चौराहों पर आम हो चला है।

जानकारी के अनुसार बिहार के सहरसा जिला (Bihar Saharsa district) की रहने वाली रुपम झा महाराष्ट्र के मुंबई में रहती हैं। अब वे मुंबई छोड़कर सहरसा आ गई है। उन्होंने सिर्फ मुंबई ही नहीं छोड़ा है, बल्कि अपनी 20 लाख सलाना पैकेज वाली नौकरी भी छोड़ दी है। रुपम अब बिहार में हो रहे मुखिया चुनाव में अपना भाग्य आजमायेगी।

रूपम झा सहरसा जिला के हद में कहरा प्रखंड के चैनपुर गांव की रहने वाली है। वे उत्तरी पंचायत से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने अबतक जागरण, हिंदुस्तान टाइम्स और आरपीएस गोयनका में काम किया है। इनका ससुराल कहरा प्रखंड के चैनपुर गांव में है। इनके पति प्रवीण वत्स मुंबई में ही मल्टीनेशनल कंपनी में बड़े पैकेज पर काम कर रहे हैं।

ससुर (पति के पिता) डॉक्टर नरेश झा कई मेडिकल कॉलेज में प्रशासक के रूप में कार्य कर चुके हैं। सेवानिवृत होकर वे फिलहाल गांव में ही रह रहे है और अपने बहु का चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

रुपम बीएन मंडल विश्वविद्यालय भागलपुर से बीए पास करने के बाद मुंबई चली गईं थी। जहां उन्होंने पहले केसी कॉलेज मुंबई से मास-कम्यूनिकेशन का कोर्स किया। फिर उन्होंने एन एम आई यूनिवर्सिटी मुंबई से 2012 में एमबीए कर जॉब करने लगी।

बताया जाता है कि रूपम पिछ्ले छः माह से ससुराल में एक झोपड़ी नुमा स्कूल खोलकर गांव के बच्चे को निःशुल्क शिक्षा दे रही है। साथ हीं वे सुबह में गांव के लोगों को योगा भी सिखाती है।

मुखिया चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि वे चाहती है कि सरकार की वो सारी योजनाएं जो सरकार इन ग्रमीणों के लिए लाती है, वह सही मायनों में जरूरतमंद ग्रामीणों को मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वे अब अपने गांव वाले के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मैं आज अपने ससुराल में इनके लिए वो लड़ाई लड़ने जा रही हूँ, जिसका अंजाम क्या होगा वो मुझे भी पता नहीं है। रुपम के अनुसार हमने पिछले छः महीने में वो सारे काम किए हैं जो शायद यहां पर लोगों ने 40 साल में नहीं किया था।

रुपम ने बीते 8 सितंबर को मुखिया पद का नामांकन दाखिल करने के बाद अपना चुनावी दौरा प्रारंभ कर दिया है। ऐसे में बिहार में मुखिया पद पाना रुपम के लिए काफी दिलचस्प होगा।

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