प्रहरी संवाददाता/वैशाली (बिहार)। वैशाली जिला (Vaishali district) इन दिनों राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यात्राओं का केंद्र बनता जा रहा है। एक तो यह जिला देश के गृह राज्य मंत्री का पैतृक जिला है। यहां उनकी लोकप्रियता किसी से छुपी नहीं।
अच्छी सामाजिक छवि वाले नेताओं में उनकी गिनती उनके कार्यकर्ता समेत सभी जुड़े लोग निवासी के रूप में करते हैं। साथ ही पार्टी में भी उनका प्रमुख स्थान बिहार से जुड़े अहम निर्णयों में कई बार उभरकर उत्साह का कारण रहा है।
शिवरात्रि के अवसर पर केन्द्रिय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के जन सामान्य के बीच बैलगाड़ी नहीं हाकें, ऐसा मंच से उन्होंने ही बयान किया कि हो नहीं सकता। यह बात स्पष्ट है कि उनकी लोकप्रियता सामाजिक राजनीतिक मजबूती की तरफ इशारा करता दिखता है।

इन बातों में वैशाली जिले की राजनीतिक यात्राओं का निहितार्थ तलाशना ठीक वैसा ही हो सकता है जैसे समुंदर में मोती की तलाश करना। स्थानीय जनों में काफी कौतूहल भरा मानसिक हलचल कुछ सामाजिक राजनीतिक परिवर्तनों की कल्पना लेकर है। ऐसा कोई दावा भी करता नहीं दिखता।
पहले राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, फिर बाजार समिति की करोड़ों की योजना की शुरुआत के अवसर पर कृषि मंत्री बिहार अमरेंद्र प्रताप चौधरी और अब 30 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा का ऐतिहासिक वैशाली भ्रमण सभी काफी महत्व के माने जा रहे हैं।
मालूम हो कि बिहार की नीतीश सरकार पूर्ण नशाबंदी के साथ प्रशासन को अलर्ट मोड में रखने की कवायद कर रही है। जिसका आंकड़ा आधारित फीड बैक मिल भी रहा है। वैशाली प्रशासन और मद्ध निषेध विभाग दोनों ने अपनी अपनी तरफ से भूमिका भी दिखाया है। शराब विनष्टीकरण के संदर्भ में दोनों 98 और 99 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
यह वैशाली के जिलाधिकारी उदिता सिंह के सख्त निर्देशों का भी एक सकारात्मक असर माना जा रहा है। चुकी पिछ्ली बैठकों में और वीडियो संवादों में उन्होंने जिस तरह से समीक्षा उपरांत निर्देश अधिकारियों तक पहुंचाया वह सरकार के एक प्रशासकीय इकाई की अच्छी उपलब्धि कही जा सकती है।
जानकारों के अनुसार 30 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष की यह यात्रा आमजनों के बीच चर्चा में पूर्व से जगह बनाए हुए है। जिला मुख्यालय के अधिकारी भी बात चीत के क्रम में यह बतलाते हैं कि उन्हें भी इंतजार है।
सम्बन्धित कार्यालय कर्मियों में भी विधानसभा अध्यक्ष वी के सिन्हा के भ्रमण कार्यक्रम को लेकर कौतूहल है। लोगों में चर्चा है कि अचानक वैशाली में राजनेताओं के आने जाने का रूटीन सिलसिला बदले रूप में नजर आ रहा है, जबकि इन यात्राओं का उद्देश्य सिर्फ सरकार की जिम्मेदारियों से भी जुड़ा हो। कुछ भी हो लेकिन एक के बाद एक बड़ी यात्राओं ने हाजीपुर के ट्रैफिक कंट्रोल टीम की सक्रियता बढ़ा दी है।
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