प्रहरी संवाददाता/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में नावाडीह प्रखंड के कैलाश स्मारक उच्च विद्यालय हरलाडीह नारायणपुर में 20 दिसंबर को शहीद कॉमरेड कैलाश महतो का 44वाँ शहादत दिवस मनाया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि हजारीबाग (Hazaribag) के पूर्व सांसद कॉ भुनेश्वर प्रसाद मेहता, विशिष्ठ अतिथि कॉ लखन लाल महतो, महामंत्री युसीडब्ल्यूयु, भाकपा बोकारो जिला सचिव कॉ पंचानन महतो, पार्टी के वरीय नेता कॉ चंद्र शेखर झा, आदि।
कॉ सुजीत कुमार घोष सहित कॉ गणेश प्रसाद महतो, मो0 शाहजहाँ, दिवाकर महतो, प्रो धनेश्वर विद्यार्थी, समाजसेवी ईशा जैन, प्रमुख पूनम देवी, स्कूली शिक्षा मंत्री की धर्म पत्नी बबीता देवी आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता कॉ नुनुच्ंद महतो ने की।
इस अवसर पर कॉ मेहता ने कहा कि कॉ मजरुल हसन खाँ ने महाजनी जुल्म, शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ आन्दोलन शुरु किया था। उसी आन्दोलन के दौरान कॉ कैलाश महतो ने भी महाजनी जुल्म, जमींदारी, शोषण एवं अत्यचार के खिलाफ बेरमो, नावाडीह, डुमरी, पीरटांड़, पेटरवार, विष्णुगढ़, मान्डू प्रखंडों में जोरदार आन्दोलन चलाया था। दोनों आन्दोलनकारी महाजनी जुल्म और जमींदारी जुल्म के विरुद्ध आन्दोलन के नायक थे।
उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के झंडे को लेकर कॉ कैलाश महतो ने जो आन्दोलन किया। जिसका नतीजा है कि हजारीबाग जिले के अंदर 97 हजार एकड़ गैर मजरुवा बन्दोबस्ती जमीन के अलावे कृषि योग्य जमीन पर दलित, आदिवासी, अल्प संख्यक एवं पिछड़े वर्ग के गरीबों, असहायो को जमीन पर कब्जा दिलाया।
इसी कारण वश जमींदारों एवं महाजनों ने साजिश के तहत धोखे से उनकी हत्या करा दी। आज वही जमीनों पर सरकार किसानों से राजस्व वसूली न कर मालिकाना हक छीनने का काम कर रही है।
सभा को कॉ पंचानन महतो, कॉ लखन लाल महतो, कॉ सुजीत कुमार घोष, प्रोफेसर धनेश्वर विद्यार्थी, कॉ गणेश प्रसाद महतो ने संबोधित किया। मौके पर कॉ गणेश प्रसाद महतो द्वारा लिखित एवं संकलित पुस्तिका ” श्रद्धान्जली” जो कॉ कैलाश महतो की जीवनी पर आधारित है, उसका विमोचन कॉ मेहता एवं उपस्थित लोगों के द्वारा किया गया।

ज्ञात हो कि बीते 12 दिसम्बर से 20 दिसम्बर तक चल रहे कैलाश स्मारक टूर्नामेंट के विजेता एवं उप विजेता को ट्राफी एव उपहार देकर महिला नेत्री ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर पूर्व मुखिया अनंत लाल महतो, दुर्योधन महतो, रोहित महतो, रीतलाल महतो, सुभद्रा देवी, राजीव जैन, हिरालाल महतो, गुलाब सिंह, थनू लाल महतो, जानकी महतो, अमृत महतो, मकसूदन, मोहम्मद मनीर, चंचल, देवेन्द्र कुमार, चमन महतो, बालेश्वर महतो, हनीफ़ अंसारी सहित सैकडों गणमान्य रहिवासी उपस्थित थे।
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