विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। देशज नववर्ष के अवसर पर गाजे बाजे के साथ गोमियां में सरहुल की झांकी निकाली गयी। झांकी में सैकड़ो की संख्या में आदिवासी समाज प्रबुद्धजन शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के के हद में गोमियां प्रखंड के स्वांग में 15 अप्रैल को देशज नववर्ष के अवसर पर सरहुल की झांकी निकाली गयी। बताया जाता है कि स्वांग दक्षिणी पंचायत के न्यू माइनस से आदिवासी समाज द्वारा संध्या बेला में गाजे बाजे के साथ धूमधाम से सैकड़ो की संख्या में महिला, पुरुष, युवक एवं युवतियां नाचते गाते निकले।
इस अवसर पर प्रकृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए जुलूस में शामिल आदिवासी समुदाय द्वारा बताया गया कि सरहुल पर्व से ही आदिवासियों का नववर्ष शुरू होता है। कहा गया कि यह पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
ज्ञात हो कि, झारखंड के मुंडा, उरांव और संथाल जनजातियों में यह पर्व अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। मुंडा इसे सरहुल, उरांव खददी एवं संथाल इसे बाहा पर्व कहते हैं। इस पर्व के बाद में किसान अपना कृषि का प्रारंभ कार्य करते हैं।
सरहुल पर्व जुलूस के मौके पर देव मुंडा, विजय मुंडा, मदन मुंडा, मंगरु उरांव, अंकित लकड़ा, हर्ष उरांव, बंटी उरांव, किरण देवी, रितु, प्रिया, दुलेश्वर मुंडा, सेजल, शैली, प्रथम, आशीष सहित सैकड़ो की संख्या में आदिवासी समाज के रहिवासी मौजूद थे।
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