रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता जताते हुए पर्यावरण एक्टिविस्ट एवं प्राकृतिक रक्षण के संस्थापक बबलू महतो ने कहा है कि अगर समय रहते प्रकृति के साथ हो रहे खिलवाड़ को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में मानव सभ्यता गंभीर संकट में पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि बीते 8 मार्च को प्रकाशित रांची, धनबाद, खूंटी और सरायकेला समेत कई क्षेत्रों में भू-जल स्तर के तेजी से गिरावट की खबर सामने आई है, जो भविष्य में बड़े जल संकट का संकेत देती है। यह स्थिति साफ तौर पर बताती है कि प्रकृति का संतुलन तेजी से बिगड़ रहा है।
बबलू महतो ने कहा कि इतिहास गवाह है कि पृथ्वी से कई प्रजातियाँ हमेशा के लिए समाप्त हो चुकी हैं। यदि इंसान अभी भी नहीं सुधरा तो मानव समाज को भी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज समाज धर्म, जाति और राजनीति के नाम पर बंटता जा रहा है, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि अगर पृथ्वी और प्रकृति ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो इन सबका कोई महत्व नहीं रह जाएगा।
उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि आज के पढ़े-लिखे युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। केवल डिग्री लेकर नौकरी और अपने घर तक सीमित रह जाना समाधान नहीं है। कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत भले ही घर से होती है, लेकिन उसे पूरे समाज तक पहुंचाना भी जरूरी है। कहा कि अगर इंसान चाँद तक पहुंच सकता है तो अपनी धरती को स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा बनाना भी संभव है। इसके लिए जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रक्षण टीम के माध्यम से वे हर गांव, हर पंचायत और हर स्कूल तक पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प ले चुके हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा रहिवासियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। अंत में उन्होंने सभी जनों से अपील की कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आगे आएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पृथ्वी बनाने में अपना योगदान दें।
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