जिम्मेदारी को समुचित रूप से निभाने हेतु सामूहिक प्रयास जरूरी-डीईओ
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। स्कूली बच्चों को स्कूल से जोड़ने की मुहिम बैक टू स्कूल कैम्पेन के तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड सरकार के निर्देश पर जिला शिक्षा परियोजना बोकारो द्वारा 15 जुलाई को स्कूल रूआर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला बोकारो जिला मुख्यालय कैंप टू स्थित न्याय सदन सभागार में आयोजित किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) जगरनाथ लोहरा एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (डीईएस) डॉ अतुल कुमार चौबे द्वारा की गई। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
कार्यशाला में डीईओ जगरनाथ लोहरा ने उपस्थित शिक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल रूआर झारखंड सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। इसके तहत 16 से 31 जुलाई तक बोकारो जिले के सभी विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा, ताकि बच्चों का नामांकन और ठहराव सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूल रूआर बच्चों को स्कूल से जोड़ने की सार्थक मुहिम है।
हमारे सरकारी स्कूल भी किसी निजी स्कूल से कम नहीं है। यह कार्यशाला बच्चों को स्कूल में उनके नामांकन और शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है।
डीईओ लोहरा ने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत 5 वर्ष से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों को पुनः स्कूल में वापस लाना और नियमित अध्यापन कार्य किया जाना है।
साथ ही बच्चों को विद्यालय में वापस लाना एवं नियमित उपस्थिति बनाए रखना एक चुनौती है। इस जिम्मेदारी को समुचित रूप से निभाने हेतु सामूहिक प्रयास यथा क्षेत्र के जन प्रतिनिधि, समाजसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, विद्यालय प्रबंध समिति, माता समिति, अभिभावक, माता-पिता, शिक्षक एवं शिक्षा से जुड़े कर्मी पदाधिकारी एवं स्वयं से भी संस्थाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम को सुनियोजित और संगठित ढंग से संचालित करने के लिए अभियान का उद्देश्य, लक्ष्य, क्रियान्वयन, रणनीति और एक सुस्पष्ट कार्य योजना बनाई गई है, जो विद्यालय स्तर पर आयोजित होगी।
डीईएस डॉ अतुल कुमार चौबे ने कहा कि शत प्रतिशत नामांकन और उपस्थिति सुनिश्चित करने, अप्रवासी, अनामांकित और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने, पिछले वर्ष में कक्षा 1 से 11 तक के नामांकित सभी बच्चों का अगले कक्षा में शत प्रतिशत नामांकन और उपस्थिति की पुष्टि करने का कार्य करना है।
सभी बच्चों की उपस्थिति ई-विद्या वाहिनी में दर्ज करना, नियमित अनुश्रवण करना एवं नव नामांकित बच्चों का शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में प्राइमरी स्कूल का निकटतम मिडिल स्कूल में मैपिंग करना, मिडिल स्कूल का निकटतम हाई स्कूल और हाई स्कूल से प्लस टू में मैपिंग करना, कक्षा 5 से छः, कक्षा 8 से 9 एवं कक्षा 10 से 11 में बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना शामिल है।
मौके पर एडीपीओ ज्योति खलखो, जिले के सभी सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, बीआरपी, सीआरपी सहित अन्य उपस्थित थे।
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