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दहेज प्रताड़ना मामले में सबूतों के अभाव में 5 आरोपी अदालत से बरी-रणजीत गिरि

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला व्यवहार न्यायालय की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी तबिंदा खान की अदालत ने 16 जुलाई को दहेज प्रताड़ना मामले में जुगनू अंसारी सहित पांच आरोपितों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। उक्त जानकारी व्यवहार न्यायालय बोकारो के अधिवक्ता रणजीत गिरि ने दी।

अधिवक्ता गिरि ने बताया कि यह मामला जिला के हद में माराफारी थाना क्षेत्र की रहने वाली जीनत द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें उन्होंने अपने पति जुगनू अंसारी और ससुराल के चार अन्य सदस्यों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई जीआर केस नंबर 422/25 के तहत हुई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रणजीत गिरि ने जोरदार बहस की और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की कमी को उजागर किया।

अदालत ने अभियोजन पक्ष के सबूतों को अपर्याप्त पाया और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता के तहत ठोस साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपितों को बरी करने का फैसला सुनाया है। ज्ञात हो कि, सूचक जीनत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके पति और ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है। हालांकि, अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष इन आरोपों को सिद्ध करने में विफल रहा है। इसके बाद अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है।

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