एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में कथारा ओपी क्षेत्र में 25 जून को अजीबोगरीब वाकया दिखा, जब एक युवती के भूलभूलैया के कारण मीडिया कर्मी व् स्थानीय पुलिस खासे परेशान रहे। मामले का पटाक्षेप युवती के माता पिता द्वारा किया गया। तब कहीं जाकर पुलिस व् मीडिया कर्मियों को संतुष्टि मिली।
जानकारी के अनुसार 25 जून की सुबह लगभग सात बजे एक युवती भागकर कथारा ओपी क्षेत्र के सीएंडडी कॉलोनी के एक आवास में कुछ युवकों द्वारा परेशान किये जाने की बात कह आसरा मांगी। उक्त आवास के स्वामी द्वारा मीडिया कर्मी को सूचित कर मदद मांगी गयी।
मीडिया कर्मी उक्त स्थल पहुंचकर जब उक्त युवती से घटना के बावत जानने की कोशिश की गयी तब उक्त युवती ने स्वयं को आठवीं कक्षा में पढ़ने की बात कह चाचा चाची द्वारा जबरन उसका विवाह कराने की बात कह अपने घर जाने से इंकार की।
साथ ही युवती ने उपस्थित मीडिया कर्मियों को बतायी कि उसके माता पिता की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। उसके चाचा चाची उसके साथ मारपीट करते हैं। घटना को संगीन और युवती को नाबालिग समझ मीडिया कर्मी ने इसकी सूचना बेरमो के एसडीपीओ सतीश चंद्र झा को दी। एसडीपीओ के सलाह पर मीडिया कर्मी द्वारा चाइल्ड लाइन से संपर्क कर मदद मांगी गयी।
सूचना पाकर चाइल्ड लाइन हरकत में आयी। इस बीच मीडिया कर्मी द्वारा सूचना पाकर कथारा ओपी प्रभारी उक्त स्थल (सीएंडडी कॉलोनी) पहुंचकर युवती से पूछताछ की। मामले को संगीन मानकर ओपी प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह ने कथारा पंचायत के पंचायत समिति सदस्या निभा देवी को बुलाया।

ओपी प्रभारी ने पंसस के देखरेख में युवती को थाना लाकर जब पुन: पूछताछ की तब युवती ने स्वयं को बांध वस्ती निवासी के बदले कथारा वस्ती निवासी बतायी। इसके बाद ओपी प्रभारी ने अपने स्तर से पता कर युवती के माता पिता को बुलाया। युवती के पिता के अनुसार उसकी पुत्री की उम्र 20 वर्ष है।
युवती के पिता ने साक्ष्य के तौर पर युवती का आधार कार्ड भी प्रभारी को दिखाए। माता पिता के समझाने के बाद युवती अपने घर चली गयी। आश्चर्य यह कि वर्तमान समय में बच्चे किस कदर गलत राह की दिशा पकड़कर जिंदा अपने माता पिता को मृत बता देते है।
यह सोंचनीय विषय है। ऐसे मामलों में समाज को गहनता से विचार कर बच्चों को गलत दिशा जाने से रोकना जरूरी है। तभी समाज में युवा वर्ग तरक्की की सही राह पकड़ेंगे अन्यथा……।
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