
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला (Samastipur district) ताजपुर प्रखंड के सभी 16 पंचायतों में अतिवृष्टि से किसानों के सारे फसल बर्बाद हो चुके हैं।
बर्बाद फसल के सूखे, सड़े- गले पौधे अभी भी खेत में चीख- चीख कर अतिवृष्टि से बर्बाद होने की गवाही दे रही है। खेत में लगा पानी भी स्वयं बर्बादी की दास्ताँ बयां कर रही है। बाबजूद इसके कृषि समन्वयक (एसी), कृषि पदाधिकारी द्वारा सरकार (Samastipur) को अतिवृष्टि से फसल क्षति का रिपोर्ट शून्य बनाकर भेजा गया
है। इससे प्रखंड क्षेत्र के हजारों किसानों के फसल क्षति मुआवजा मिलने के रास्ते बंद हो गये हैं। उक्त बातें 13 अगस्त को भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि अगली फसल लगाने के लिए मुआवजा की आश में बैठे किसान निराश हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि शत प्रतिशत बर्बाद फसल का रिपोर्ट किसके ईशारे पर शून्य भेजा गया है।
इसे लेकर भाकपा माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह की टीम ने प्रखंड के कोठिया, दिघरूआ, मानपुरा, ताजपुर, फतेहपुर, बाघी, बधौनी, रामापुर महेशपुर, रहीमाबाद, कस्बे आहर आदि पंचायतों का दौरा कर सच्चाई जानने की कोशिश की।
इस क्रम में मुखिया समेत पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों से भी बातचीत की गई। किसानों ने बताया कि नदी, आहर, चौराहे, पुल आदि जल निकासी होने वाले स्थानों के ही खेत में पानी नहीं जमा है। बाकी के 80 प्रतिशत से अधिक खेतों में भीषण जल जमाव है। फसलें बर्बाद हो चुकी है। आगामी फसल लगाने की उम्मीद भी अब खत्म हो चुका है।
इस संबंध में टीम ने बीडीओ मनोज कुमार, नप प्रभारी शिव कुमार आदि की उपस्थिति में कृषि पदाधिकारी वीरेंद्र पासवान से मिलकर जमीनी सच्चाई से अवगत कराते हुए खेतों में चलकर बर्बाद फसल का मुआयना करने।
साथ ही रिपोर्ट को सुधार कर शत प्रतिशत फसल क्षति का रिपोर्ट सरकार को भेजने की मांग की, अन्यथा आगामी 23 अगस्त को कोल्ड स्टोरेज चौक से जुलूस निकालकर कृषि कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी।
मौके पर किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने 14 अगस्त से 10 दिनी किसान आंदोलन की घोषणा की। इसके तहत गांव- टोला में बैठक, धरना, प्रदर्शन, पूतला दहन, जुलूस निकालने की घोषणा की गई।
माले प्रखंड सचिव कॉमरेड सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सिर्फ ताजपुर नहीं करीब संपूर्ण समस्तीपुर जिला में अतिवृष्टि से 80 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो चुका है। यक्ष प्रश्न है कि किसके ईशारे पर फसल क्षति का रिपोर्ट शून्य भेजा गया?
माले नेता ने जिला कृषि पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराकर शत प्रतिशत फसल क्षति रिपोर्ट भेजने एवं गलत फसल क्षति रिपोर्ट भेजने वाले कृषि समन्वयक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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