लाखों भक्तों ने लगाई गंगा व् गंडक में डुबकी, शिव मंदिरों में किया जलाभिषेक
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित कालीघाट, पहलेजा घाट सहित दर्जनाधिक घाटों पर श्रावण माह की दूसरी सोमवारी पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा एवं गंडक नदियों में डुबकी लगायी। श्रद्धालुओं ने बाबा हरिहरनाथ सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया। इस दौरान बाबा हरिहरनाथ एवं गंगा मईया की जय जयकार से सम्पूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा।
जलाभिषेक के दौरान 21 जुलाई को सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ सहित आसपास के सभी प्रमुख शिवालयों में व्यवस्था चुस्त दुरुस्त थी, जिस कारण कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। सीसीटीवी के माध्यम से बाबा हरिहरनाथ मंदिर के भीतर और बाहर सभी प्रकार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
श्रावण माह की दूसरी सोमवारी के अवसर पर हरिहर क्षेत्र सोनपुर के सभी शिवालयों में भक्तों का हुजूम उमड़ आया। जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रही। श्रद्धालु धूप-दीप और मंत्रोच्चारण के बीच भगवान शिव की पूजा-अर्चना में लीन रहे। अहले सुबह से ही मंदिरों में बम-बम भोले और हर-हर महादेव के स्वर भक्तों के हृदय और मन में ऊर्जा भरता रहा।
सोनपुर के कालीघाट स्थित बिहार के इकलौते दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में भक्तों ने माता का दर्शन कर यहां स्थापित महाकालेश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। चिड़ियां मठ में बाबा विशालनाथ एवं लिंगोदभुत उमा महेश्वर मंदिर में भी पूजा – अर्चना और जलाभिषेक किया गया। गंगा -गंडक संगम की मिलन भूमि सबलपुर स्थित संगमेश्वर महादेव, सबलपुर के श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी स्थित गंडकेश्रर महादेव मंदिर, सोनपुर स्टेशन गेट स्थित नर्मदेश्वर नाथ मंदिर, राहर दियारा चौक स्थित भूतेश्वर मही नाथ मंदिर, शाहपुर जैतियां स्थित नेहालनाथ मंदिर, शाहपुर स्थित गजेन्द्र नाथ मंदिर, भरपुरा के शिव मंदिर, पहलेजा धाम स्थित दूधेश्वर नाथ शिव मंदिर में अहले सुबह से ही जलाभिषेक और पूजन – अर्चन होता रहा।
विष्णु और शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने का रहा दुर्लभ अवसर
श्रावण माह की दूसरी सोमवारी सनातनी भक्तों के लिए मन और मिजाज में ऊर्जा शक्ति भरने वाला साबित हुआ। इस सोमवार को देव दुर्लभ संयोग यह रहा कि कामदा एकादशी भी इसी दिन था। भगवान श्रीहरि (विष्णु) और श्रीहर (शिव) दोनों का एक साथ कृपा प्राप्त करने का पवित्र दिवस। हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चन्द्र शास्त्री बताते हैं कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर, परिवार, समाज में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि कामदा या कामिका एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जबकि, सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शारीरिक विकार व् कष्ट दूर होते हैं।
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