मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं दवा प्रशासन (एफडीए) ने शनिवार को गोवंडी, मानखुर्द के चार पानीपुरी कारखानों पर छापा मारा। गोवंडी इलाके में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पानीपुरी की पुरी बनाने की शिकायत के बाद एफडीए जॉइंट फ़ूड कमिश्नर सुरेश अन्नपूर्णा ने शनिवार शाम को पानी पुरी के कारखानों पर छापा मारा। जांच के दौरान पानीपुरी की ‘पुरी’ दोषी पाई गई है।
अन्नपूर्णा ने कहा कि कारखाने के मालिकों को नोटिस दिया गया है। पुरी को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद पुरी निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पानी पुरी की पुरी का निर्माण आटे से किया जाता है। वहीं कारखानों में पुरी का आटा सनने की मशीन बेहद पुरानी थी।मशीन के कई हिस्सों में जंग लगा हुआ था।
गौरतलब है कि गोवंडी और मानखुर्द के इन कारखानों से मुंबई समेत उपनगर की कई दुकानों में पुरी सप्लाई की जाती है। इस वजह से आगामी कुछ दिनों में शहर के कई और पानी पुरी की दुकान एफडीए के रडार पर आ सकते है। मुंबई में 15 हजार से अधिक पानी पुरी की दुकाने है। जहां से रोजाना हजारों की संख्या में मुंबईकर चटपटी पानी का स्वाद लेते हैं। मानसून के दौरान दूषित भोजन और पानी पीने की वजह से बढ़ रहे मरीजों की बढती संख्या को देखते हुए एफडीए ने कुछ दिनों पहले शहर के 60 होटलों की जांच की थी। जांच के बाद एफडीए ने 34 होटलों के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
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