श्रमिकों का भविष्य कुमार जय मंगल के नेतृत्व में सुरक्षित
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro District) के हद में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ कथारा वाशरी शाखा द्वारा श्रमिकों के समस्याओं को लेकर 29 अक्टूबर को जलपान गृह में बैठक आयोजित किया गया। अध्यक्षता मोहम्मद कयूम तथा संचालन सहायक शाखा सचिव कमलकांत सिंह ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राकोमसं कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष व बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिक जहां कड़े परिश्रम से प्रतिष्ठान की बेहतरी के लिए कार्य करते है। साथ ही उत्पादन तथा डिस्पैच में लगातार बढ़ोतरी हो रहा है, इसके बावजूद उनके मौलिक अधिकारों से वंचित रखना अन्याय पूर्ण कार्रवाई है।
जिसे राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जहां श्रमिकों के बीच सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए जूता और टोपी अनिवार्य है। वह भी समय पर उपलब्ध ना हो पाना व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
दूसरी ओर करोना में भी जान की परवाह किए बिना श्रमिक अपने कर्तव्य का निर्वाह करते रहे, जहां उन्हें हाजिरी घर में हाजिरी बनाने के लिए बाहर में न तो कोई शेड है ना ही सोशल डिस्टेंस का पालन संभव है। जहां पर शेड का निर्माण आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर कैंटीन का रखरखाव अत्यंत ही दयनीय है।
उन्होंने कहा कि सीसीएल (CCL) वेलफेयर द्वारा हर परियोजना में एक एयर कंडीशनर कैंटीन अनिवार्य है। कथारा वाशरी का जलपान गृह का रखरखाव दयनीय है। यहां वेतन समझौता के अनुरूप हुए बढ़ोतरी का ओटी एरियर का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे श्रमिकों में आक्रोश है।
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय सहायक सचिव क्रमशः आशीष चक्रवर्ती तथा दयाल यादव ने कहा कि जहां एक ओर श्रमिक जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं लेकिन सही मेंटेनेंस समय पर नहीं होने से सभी विभाग सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। आवश्यकता है सिस्टम के तहत कार्य संपन्न हो।
शाखा सचिव रंजय कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिक एकजुट होकर संघर्ष के लिए तैयार रहें। श्रमिक हितों की रक्षा हर हाल में होगी। समय रहते प्रबंधन उपरोक्त मांगों को अगर पूरा नहीं किया गया तो संगठन के बैनर तले जोरदार आंदोलन का आगाज होगा।
बैठक में मुख्य रूप से वेदव्यास चौबे, सूर्यकांत त्रिपाठी, बीएन तिवारी, श्रीकांत कुमार, केडी सिंह, सुरेश महतो, मोहम्मद ज्ञानी, नरसिंह चौहान, देवाशीष आस, रामकुमार मिश्रा, मोहम्मद सिराजुल, नारायण साव, छोटन रजवार, जगदयाल नोनिया, फागु मांझी, रजाक नंबर दो, भीखू लोहार, विनोद, संतोष बाउरी, अरुण दास, सीमांचल गौर, किशुन मंडल, राम किशुन यादव, नारायण सिंह, राजू ताप्ती, गोविंद चमार सहित दर्जनों कामगार शामिल थे।
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