विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। मजदूरो के समस्याओं के सामधन के प्रति टीटीपीएस (TTPS) प्रबंधन गंभीर नहीं दिख रही है। उक्त बातें 22 दिसंबर को झारंखड जेनरल कामगार यूनियन के अध्यक्ष निखिल सोरेन ने कही।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि गोमियां प्रखंड के हद में ललपनियाँ स्थित तेनुघाट थर्मल पॉवर स्टेशन परियोजना के प्रशासनिक गेट के समक्ष कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 22 दिसंबर को झारंखड जेनरल कामगार यूनियन के द्वारा यूनियन के 6 सूत्री मांगों को लेकर 72 घटे का उपवास कार्यक्रम की शुरूआत हुई।
कार्यक्रम में यूनियन के अध्यक्ष सोरेन ने कहा कि टीटीपीएस प्रबंधन मजदूरों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नही है। उन्होनें कहा कि कंपनी एक ओर रिकार्ड विद्युत उत्पादन की बात करती है, वहीं मजदूरों की समस्याओं के समाधान नही करने में भी रिकार्ड कायम कर रही है, जो काफी चिंता का विषय है।
मजदूरों की मांग को प्रबंधन द्वारा बार बार अनसुना करने पर बाध्य होकर यूनियन को उपवास पर जाने को मजबूर होना पड़ा। साथ ही कहा कि परियोजना मे कार्यरत सवेंदक माला माल हो रहे है। वहीं जो मजदूर अपनी श्रम शक्ति लगाकर राज्य के बेहतरी के लिये विद्युत उत्पादन मे जुडे हैं, उन्हे श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूरी का हक भी नही मिलता।
सोरेन ने कहा कि परियोजना के द्वारा उत्पादित विद्युत पूरे झारखंड मे रौशनी बिखेर रही है, दूसरी ओर यहां कार्यरत मजदूरो का जीवन अंधकार में बीत रहा है। उन्होने कहा कि प्रबंधन के द्वारा हमारी मांगे नही मानी जाती है तो आदोंलन को और तेज किया जायेगा।
यूनियन की मांगो में सभी ठीका श्रमिकों को केन्द्र सरकार के द्वारा निर्धारित मजदूरी का भूगतान करने, कैंटिन मे सस्ते दर पर मजदूरो को खाना व नास्ता दिलाने, परियोजना में कार्यरत ए. एम. सी मजदूरो को बीडीए और एरियर का भूगतान करने, विस्थापित नौवजवानो को योग्यता अनुसार नियोजन दिया जाये, पूर्व में 102 जो फर्जी बहाली हुई उसे रद्द किया जाये, ललपनियाँ में आइआइटी कालेज खोलने आदि शामिल है।
मौके पर नारायण महतो, योगेंद्र साव, अशोक ठाकुर, विजय सोरेन, अजय सोरेन, रवींद्र टुडू, एतो टुडू, रामचन्द्र मरांडी, संतोष मरांडी, विनोद मरांडी, रामकुमार सोरेन, राजेश मुर्मू, शंकर मरांडी, दशरथ बेसरा, करमचन्द हेम्ब्रम आदि मौजूद थे।
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