रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सड़क हादसे में बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के मंजूरा सोखाडीह रहिवासी युवक राजन महतो गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के विरोध में कसमार–निरसूल मुख्य पथ पर स्पॉट लाइट के समीप बीते 11 जनवरी की शाम से ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम लगभग 20 घंटा रहा। इसके बाद दूसरे दिन 12 जनवरी की दोपहर 3:30 बजे प्रशासन के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हो सका।
घटना को लेकर गंभीर रूप से घायल राजन के भाई राजेश कुमार महतो ने एजी इंफ्रा कंपनी की स्टाफ बस को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कसमार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। थाना प्रभारी कुंदन कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बावत ग्रामीणों का कहना है कि यह कसमार क्षेत्र का अब तक का सबसे लंबा सड़क जाम रहा, जिसमें स्थानीय रहिवासी पूरी रात घटनास्थल पर डटे रहे। दूसरे दिन 12 जनवरी को भी दिनभर कंपनी का वाहन परिचालन ठप रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोलकाता–वाराणसी एक्सप्रेस-वे निर्माण में लगे भारी वाहनों की तेज और बेलगाम रफ्तार क्षेत्र के लिए जानलेवा बनती जा रही है।
दुर्गापुर पंचायत के मुखिया अमरेश कुमार महतो ने कहा कि सड़क निर्माण कंपनियों की लापरवाही और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल, संकेतक और निगरानी की पुख्ता व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर महतो ने कहा कि ग्रामीणों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जा रही है। जब तक दुर्घटना के दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दुर्घटना के समय एक स्टाफ बस उक्त मार्ग से गुजरी थी। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने भी हादसे को अपनी आंखों से देखने का दावा किया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मौके पर कसमार थाना के एएसआई रंजन सिंह, जरीडीह थाना प्रभारी विनय कुमार महतो, पूर्व प्रमुख विजय किशोर गौतम, जिला परिषद सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।
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