अधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्का जाम आंदोलन धरना में परिवर्तित
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। विस्थापित प्रमाण पत्र निर्गत करने सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लहरियाटांड़ के विस्थापितों ने 15 जुलाई को बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के गोविन्दपुर परियोजना का चक्का जाम आंदोलन शुरू किया। इस दौरान विस्थापितों ने सीसीएल परियोजना से होने वाली कोयला एवं ओबी ट्रांसपोर्टिंग कार्य को बंद करवा दिया।
जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्टिंग कार्य ठप्प होने के बाद गोविंदपुर के परियोजना पदाधिकारी ए. के. तिवारी सहित अन्य अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विस्थापित प्रतिनिधियों से वार्ता की। बताया जाता है कि उक्त वार्ता में परियोजना पदाधिकारी तिवारी ने 15 दिनों के अंदर सभी विस्थापितों को विस्थापित प्रमाण पत्र सीसीएल के द्वारा निर्गत करने का आश्वासन दिया गया।
साथ ही गांव में अन्य बिनियादी सुविधा भी जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद विस्थापितों ने चक्का जाम आंदोलन स्थगित करते हुए उसके स्थान पर 15 दिनों तक शांति पूर्ण धरना आंदोलन शुरू कर दिया।
आंदोलन में बेरमो प्रखंड उप प्रमुख बिनोद कुमार साहू सहित लहरियाटांड़ ग्राम विकास समिति के सचिव दुलेश्वर प्रजापति, अध्यक्ष चंद्रिका रजक, जिप सदस्य शहजादी बानो, पंचायत समिति सदस्य बेबी देवी सहित अन्य शामिल थे।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1980 में हमारी जमीन को सीसीएल गोविन्दपुर परियोजना प्रबंधन द्वारा अधिग्रहण किया गया था। जिसके बाद हम सभी भूमि हीन हो गए हैं। अपने ही गांव में रिन्फ्यूजी की तरह जीवन बसर करने को मजबूर है। कहा कि सीसीएल ने जमीन अधिग्रहण करने के बाद भी पुनर्वासित नही किया।
जिस कारण हम सभी लहरियाटांड़ गांव में ही 44 वर्षो से रह रहे है। सीसीएल प्रबंधन न पुनर्वासित कर रही है और न ही जमीन का मालिकाना हक दी दे रही है। इसके अलावे सीसीएल प्रबंधन के द्वारा गांव में कोई भी विकास कार्य भी नही करवा रही है, जिस कारण हम ग्रामीणों की स्थिति बद से बदतर हो गई है।
आंदोलनकारी ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापन प्रमाण पत्र न मिलने से ग्रामीण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से भी वंचित हैं। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में विस्थापन प्रमाण पत्र जारी करना, प्रभावित गांव में मुख्य सड़क का निर्माण और पानी की समस्या हल करना आदि शामिल है।
कहा गया कि सीसीएल गोविंदपुर परियोजना का चक्का जाम आंदोलन शुरू किया गया था, परंतु परियोजना पदाधिकारी ने 15 दिनों के अंदर विस्थापितों की मांगो को मान लेने का लिखित आश्वासन दिया गया है। कहा गया कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, विस्थापितों का आंदोलन जारी रहेगा।
इसलिए आश्वासन के बाद फिलहाल चक्का जाम आंदोलन स्थगित करते हुए धरना आंदोलन शुरू किया गया है। सीसीएल अधिकारियो द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो 15 दिनों बाद धरना आंदोलन फिर से चक्का जाम आंदोलन में परिवर्तित हो जायेगी।
इस अवसर पर ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष चंद्रिका रजक, सचिव दुलेश्वर प्रजापति सहित कृष्णा रजक, राजेश रजक, चोलाराम, राजकुमार प्रजापति, घनश्याम रजक, बालगोविंद प्रजापति, खुशी प्रजापति, प्रेमचंद प्रजापति, कांति देवी, किरण देवी, कुमारी सीमा, अनिता देवी बबिता देवी, गुलाबचंद प्रजापति, माणिक चन्द प्रजापति, रामेश्वर प्रसाद, अनिल रजक, आनद प्रजापति, प्रेमचंद रजक, महेश रजक, बिरसा रजक सहित बोकारो थर्मल थाना की पुलिस भी उपस्थित थी।
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