ब्रतधारियों ने सामूहिक रूप से आचार्यों से सुनी व्रत की कथा
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। भाद्र शुक्लपक्ष तृतिया तिथि पर हरतालिका तीज व्रत मनाए जाने का विधान है। इस व्रत को सुहागिनों ने दिनभर निर्जला उपवास रखकर अपने अपने सुहाग की रक्षा एवं उनकी दीर्घायु के निमित करती हैं।
ये नए वस्त्र धारण कर आभूषणों व श्रृंगार से सुसज्जित होकर निकट के शिवालय तथा आंगन व देवढ़ी पर सामूहिक रूप से पहुंचती हैं। वहां आचार्यों द्वारा शिव-पार्वती की पूजा विधि-विधान से किए जाने के उपरांत आचार्यों द्वारा महिलाएं व्रत की कथा विस्तार से श्रवण करती हैं।
हरितालिका तीज व्रत को लेकर 9 सितंबर को बोकारो जिला (Bokaro District) के हद में पेटरवार प्रखंड के अंगवाली मंडापवारी शिव मन्दिर प्रांगण में आचार्य प्रफुल्य चटर्जी, राजाटांड में बबलू पांडेय, मानस स्थल टुंगरी में गौरबाबा, चलकरी में ग्राम प्रधान निशा देवी की देवढी के आचार्य गोवर्धन बाबा ने सुहागिनों को व्रत की कथा सुनाई।
प्रथा के अनुसार सुहागिनों द्वारा व्रत की पुर्नाहूती के पश्चात 10 सितंबर को दान स्वरूप वस्त्र, अर्थ, अन्न आदि ब्राह्मणों को भेंट किया जाएगा।
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