पत्रकार जुबैर, मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ एवं आरबी श्रीकुमार की रिहाई को लेकर माले ने निकाला प्रतिरोध मार्च
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर पत्रकार मोहम्मद जुबैर, मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ एवं आरबी श्रीकुमार को गिरफ्तार किये जाने के खिलाफ भाकपा माले ने 28 जून को प्रतिरोध मार्च निकालकर गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की।
उक्त मांगों को लेकर भाकपा माले के झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने समस्तीपुर शहर (Samastipur City) के मालगोदाम चौक से मार्च निकाला। नारे लगाते हुए माले कार्यकर्त्ता बाजार क्षेत्र के विभिन्न भागों से गुजरते हुए स्टेशन चौराहा पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता स्थाई जिला समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया।
यहां ललन कुमार, अनील चौधरी, राज कुमार चौधरी, अरूण राय, उमेश राय, बंदना सिंह, रामलाल राम, जयंत कुमार, मो. अलाउद्दीन आदि ने सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी- शाह शासन काल में पत्रकार, बुद्धिजीवी, कवि, लेखक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता पर जितने हमले हुए उतने हमले घोषित आपातकाल में भी नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकार जुबैर, तीस्ता सितलवाड़, आर श्रीकुमार को बिना शर्त रिहा करे। उन्होंने कहा कि संघ- भाजपा की मोदी सरकार सच लिखने, बोलने से डरती है।
इसलिए ऐसे कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार कर जेल में डाल रही है। सरेआम लोकतंत्र एवं संविधान की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। लोकतांत्रिक देश भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके खिलाफ जनता लड़ रही है और इस लड़ाई को तेज कर जनविरोधी सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया जाएगा।
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