विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। कौशल विकास के तहत रोजगार पाने के लिए गयी तमिलनाडु से बदतर हालत में लौटी लड़कियों को बेहतर इलाज के लिए पूर्व विधायक के प्रयास से अस्पताल भेजा गया। पूर्व विधायक ने मामले की शिकायत सीएम हेमंत सोरेन से करने की बात कही।
जानकारी के अनुसार गोमियां के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद (MLA Yogendra Prasad) 15 अक्टूबर को गांगपुर गांव पहुंचे। तमिलनाडु में फंसी महुआटांड़, कंजकीरो क्षेत्र की 7 बेटियों की उनकी सार्थक पहल से घर वापसी पर वे सुनीता कुमारी के घर पहुंचे। साथ में अन्य 5 लड़कियां भी साथ थी। पूर्व विधायक ने सभी बेटियों और उनके परिजनों से भेंट किया और उनकी आपबीती सुनी।

लड़कियों ने बताया कि उनके साथ केपीआर कंपनी के लोग बुरा बर्ताव करते थे। तय समय से अधिक काम कराते थे। काम के दौरान प्रताड़ित करते थे। उन्हें खराब खाना दिया जाता था। घरवालों से बात नहीं करने के लिए और शिकायत नहीं करने के लिए दबाव बनाया जाता था।
वापस लौटी बेटियों ने कंपनी पर ट्रेन छूट जाने के बाद स्टेशन पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि वहां से जैसे तैसे वे लोग जब विजयनगरम पहुंचे तो झारखंड श्रम विभाग के अधिकारी ने उनसे संपर्क किया और फिर हम लोग घर पहुंचे। बेटियों ने कहा कि पूर्व विधायक लगातार हमसे संपर्क कर हालचाल लेते रहे।
बेटियों की व्यथा सुनने के बाद पूर्व विधायक ने मौजूद विनायका स्किल सेंटर के मैनेजर को जमकर लताड़ लगाई और सीएम से शिकायत करने और धोखाधड़ी, जालसाजी करने को लेकर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
इस दौरान सुनीता कुमारी की हालत बिगड़ गई। यह देख पूर्व विधायक ने सुनीता के साथ सभी लड़कियों को अपनी गाड़ी से बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया और स्किल कंपनी के मैनेजर को आवश्यक निर्देश दिया।
मौके पर उक्त पंचायत के पूर्व मुखिया संजय साव, पंसस मदन महतो, पूर्व प्रमुख गिरधारी महतो, शुभाष हांसदा, बिनोद हांसदा, अजीत कुमार, अरुण महतो, धर्मनाथ साव, सुनील बेसरा, इंद्रजीत मांझी, रथु तुरी, सोहन हेम्ब्रम, लुदु घटवार, अशोक महतो, धुमा मंझी, जोतिष महतो, नरेश तुरी, शुकर तुरी, जगदीश तुरी, संजय साव समेत सैंकड़ों ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।
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