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कौशल विकास केंद्र की कार्यप्रणाली पर पूर्व विधायक ने लगाया सवालिया निशान

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट शिविर संख्या 2 स्थित भारत सरकार (Indian Government) द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास केंद्र पर पूर्व विधायक द्वारा कई तरह के उठाये गए सवाल।

जानकारी के अनुसार 10 अक्टूबर को विनायक फाउंडेशन रिसर्च एंड एजुकेशन सोसाइटी के कोऑर्डिनेटर अरुणव कुमार को पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद ने फटकार लगाई।

विधायक (MLA) द्वारा कहा गया कि संस्था में प्रशिक्षण देने के उपरांत नौकरी के लिए लगभग 30 लड़कियों को तमिलनाडु भेजे गए है, जहां छात्राओं के परिजनों ने संस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व विधयक योगेंद्र प्रसाद महतो से अपने अपने बच्चों को घर वापसी की गुहार लगाई है। परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन पर पूर्व विधायक महतो आईटीआई भवन का जायजा लिया।

जांचोपरांत पाया गया कि तमिलनाडु भेजे गए छात्रों का कोई रिकार्ड संस्था के पास तत्काल नही था। इसमें कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाया गया। परिजनों ने प्लेसमेंट के नाम पर बच्चों से मनमाने तरीके से मजदुरी कराए जाने का आरोप लगाया है।

कहा गया कि आठ घंटे मजदूरी के जगह 10 से 12 घंटे काम लिया जा रहा है और प्रशिक्षित मजदूर से कम लिया जा रहा है। वेतन लगभग आठ हजार पांच सौ न्यूनतम मजदूरी से भी कम दिया जा रहा है। परिजनों से फोन पर भी बात ना करने एवं छुट्टी में उनके घर नहीं जाने देने का भी आरोप लगाया है।

ज्ञात हो कि, तेनुघाट आईटीआई भवन में चल रहे दीनदयाल उपाध्याय कौशल मेगा स्किल सेंटर विनायक फाउंडेशन रिसर्च एंड एजुकेशन सोसाइटी के तहत चल रहे मेगा स्किल केंद्र के तहत लगभग 30 सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के छात्राओं को प्रशिक्षित कर तमिलनाडु में नौकरी दी गई है। पूर्व विधायक महतो ने कहा कि विभिन्न विभागों से संस्था के कार्यकलापो की जांच कराई जाएगी। बहुत सी कमियां पाई गई है। इसमें बड़े अधिकारी एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर जांच कराई जाएगी।

इस संबंध में संस्था के कोऑर्डिनेटर अरनव कमार ने बताया कि तमिलनाडु भेजे गए छात्राओं को दो-तीन दिन से परिजनों से बात नहीं हो पाया था, इस वजह से लोग गलतफहमी का शिकार हो गए हैं।

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