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पैसठ वर्ष बाद भी जमीन का मुआवजा नहीं मिला-बाटुल

फिरोज आलम/जैनामोड़ (बोकारो)। बोकारो (Bokaro) विस्थापित मंच के मुख्य संयोजक सह बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल (MLA Yogeshwar Mahato Batul) ने 30 अगस्त को कहा कि विस्थापितों से बिहार सरकार ने 65 वर्ष पूर्व में बारह रुपया प्रति डिसमिल जमीन लिया था।

इस दर पर विस्थापितों ने नाराजगी व्यक्त कर आपत्ति दर्ज किया। विस्थापितों ने अपने जमीन का नया दर से भुगतान हेतु जिला भू-अर्जन कार्यालय में आवेदन दिया है। जिसमें कुछ विस्थापित को मुआवजा मिला है। लेकिन बहुतों का मुआवजा मिलना तो दूर उनका मुआवजा का आवेदन अभी जमा तक नहीं हुआ है।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग किया कि बीएसएल जिस जमीन का उपयोग प्लांट के निर्माण में कर चुका है। उसका री-पेमेंट जल्द हो। साथ हीं जिसका आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उनसे शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि जो खाली जमीन है उसका जमीन वापसी का प्रक्रिया शुरू किया जाय।

इस अवसर पर प्रत्येक पुनर्वासित विस्थापित को रहने के लिए 20-20 डिसमिल जमीन दिये जाने की मांग पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक ने मंच के माध्यम से किया है। सबसे दुर्भाग्य है कि कई एकड़ जमीन देश के निर्माण में देने वाले विस्थापितों के तीसरी पीढ़ी को पुनर्वास क्षेत्र में रहने के लिए जगह नहीं है।

उन्होंने सरकार से मांग किया कि सभी पुनर्वासित विस्थापितों को उनके वर्तमान की जनसंख्या के आधार पर रहने के लिए जमीन 20-20 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाय। तथा सामुदायिक भवन, खेल मैदान के साथ अन्य सभी नागरिक सुविधा बहाल किया जाय।

मौके पर सलाहकार हाजी हसनुल्ला अंसारी, अरुण कुमार महतो, धीरेन्द्र नाथ गोस्वामी, फुलचंद महतो, अजय कुमार कुशवाहा, सुनील कुमार महतो, वासुदेव लहेरी, नवीन कुमार मिश्रा, चन्द्रशेखर सिंह, रथु लहरी, विनय कुमार सिंह, सिध्देश्वर मिश्र, चौहान महतो, सरोज महतो, मानिक चन्द्र दास, गोपाल दास आदि उपस्थित थे।

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