श्रावणी सोमवारी स्नान में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की परेशानी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद मे सोनपुर में गंगा एवं गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण नमामि गंगे योजना से निर्मित काली घाट, भारत वंदना घाट सहित सभी छह घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। श्रावणी मेला को लेकर सोमवारी स्नान के लिए काली घाट पर नदी के भीतर स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए की गई बैरिकेडिंग भी डूब रही है।
नदियों का जल स्तर बढ़ने तथा नदी घाटों की सीढ़ियों के डूब जाने से उस पर ज्यादा पानी आ गया है। इसलिए स्नानार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर पर्याप्त संख्या में प्राइवेट नावों की व्यवस्था करने की भी जरूरत महसूस की जा रही है। सोनपुर स्थित पुराने गंडक पुल के नीचे भारत वंदना घाट से काली घाट तक की यही स्थिति है। इस बार दूसरी श्रावणी सोमवारी पर काली घाट पर स्नानार्थियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे मे सुरक्षित स्नान के लिए एसडीआरएफ की टीम के नेतृत्व में घाटों पर मोटर बोट की संख्या में वृद्धि करने की भी जरूरत है।

विदित हो कि 18 जुलाई को पहलेजा धाम से गरीबनाथ साधारण कांवरियों का जत्था जलाभिषेक के लिए रवाना होगा। उनका मार्ग में प्रथम पड़ाव बाबा हरिहरनाथ मंदिर, लोकसेवा आश्रम, काली मंदिर एवं कांवरियों के लिए बनाए गए अस्थाई विश्रामालयों में होगा। बाबा हरिहरनाथ के निकट मुगलबाड़ी एवं धनुष कुटी आश्रम काली घाट पर विशाल पंडाल लगाया गया है। यहां कांवरिया बाबा हरिहरनाथ, सूर्य भगवान, शनि देव, हनुमानजी, काली मैया आदि का दर्शन – पूजन करने के बाद बाबा गरीब नाथ पर जलाभिषेक के लिए पुराने गंडक पुल से हाजीपुर होते मुजफ्फरपुर की ओर रवाना होते हैं।
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