संतोष कुमार/वैशाली (बिहार)। हिन्दुस्तान की संस्कृति में सबसे अधिक महत्व महिला सम्मान को देने की शुरुआती परम्परा रही है। जिसे आगे बढ़ाते हुए वैशाली (Vaishali) जिलाधिकारी उदिता सिंह ने आइसीडीएस (ICDS) के एक नियमित कार्यक्रम को समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध करने का उत्साहपूर्ण प्रयास किया।
जिलाधिकारी सिंह ने बीते दिनों एक आंगनबाड़ी केंद्र संख्या सत्रह हाजीपुर में विभागीय परम्परा और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों निभाई। सिंह ने रेणु देवी नामक एक गर्भवती महिला की गोद भराई की।
मालूम हो कि हिन्दुस्तान में यह परम्परा बड़े महत्व की रही है। हालांकि सांस्कृतिक परम्परा का अधूरा ज्ञान रखने वालों के लिए चाहे इस परम्परा का जितना भी महत्व हो। जिन लोगों के जेहन में संस्कृति प्रतिष्ठित हो चुकी है, उनके लिए बेहद खुशी का पल वह वक्त रहा है।
जिस दौरान कहीं किसी गर्भवती की गोद भराई हुई हो। प्रशासनिक महकमे की तरफ से निभाई गई इस परम्परा के तहत आयोजित हुए कार्यक्रम की भव्यता और तब बढ़ गई, जब एक महिला अधिकारी ने खुद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्र निर्माण का यह पहला कदम बढ़ाया। भावी पीढ़ियों के प्रति सांस्कृतिक तौर तरीकों से एक जिम्मेदार एहसास कराया।
कार्यक्रम में मौजूद आईसीडीएस की डीपीओ ललिता कुमारी ने डीएम सिंह को एक खास पोषण लड्डू की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि यह लड्डू खास कर बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसके उत्तरोत्तर विकास के लिहाज से तैयार किया गया है।
जिलाधिकारी ने भी अपनी तरफ से सभी जरूरी सलाह दिए, तथा नियमित जांच कराते रहने की भी बात प्रमुखता से कही। कार्यक्रम में आईसीडीएस के डीपीओ के अलावा अन्य कई कर्मियों की भी उत्साहपुर्ण मौजूदगी रही।
मालूम हो कि सरकार नारी सशक्तिकरण की दिशा पकड़ चुकी है। हालांकि अभी लक्ष्य से हम कोसो दूर भी हैं। लेकिन कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों को प्रमुखता से लिया जाए, तो वह राष्ट्र निर्माण की दिशा में ही एक बेहतर कदम माना जाएगा।
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