विजय कुमार साव/गोमियां(बोकारो)। गोमिया प्रखंड के हद में नव-प्राथमिक विद्यालय बिरहोर टंडा तुलबुल मे नामांकित बच्चो को पेड़ के नीचे पढ़ाए जाने पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Bharatiya Communist Party) राज्य कार्य समिति सदस्य इफ्तेखार महमूद ने अफसोस जाहिर की है। इसे लेकर उन्होंने बंद विद्यालय भवन का ताला खोलने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 -07 में बाबूचंद्र बिरहोर के सहमति पर उसके बंदोबस्त जमीन पर स्कूल भवन का निर्माण किया गया था। उस समय बाबू चंद्र बिरहोर की पत्नी सावित्री देवी ही ग्राम शिक्षा समिति की उपाध्यक्ष भी थी।
रहिवासियों के अनुसार लॉकडाउन 2020 के अवधि में ग्राम शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष सावित्री देवी एवं उसका पति स्कूल भवन के बरामदा से मात्र 3 फीट हट कर अपना आवास का निर्माण कर लिया व विद्यालय भवन को भी आवासीय परिसर का हिस्सा बना लिया। परिणाम स्वरूप बच्चों को गांव के पेड़ के नीचे चबूतरा पर पढ़ाया जा रहा है।
भाकपा नेता महमूद ने कहा कि बाबू चंद्र बिरहोर की जमीन पर उसकी पत्नी सावित्री देवी (उपाध्यक्ष) जैठु बिरहोर (अध्यक्ष) तथा तात्कालिक पारा शिक्षक स्वर्गीय रमेश बेसरा के देखरेख में वर्ष 2006-07 में विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया था।
तब से इसी भवन में लॉकडाउन 2020 के पूर्व तक में पढ़ाई चलती रही। आगे कहा कि सावित्री देवी के द्वारा विद्यालय भवन के निर्माण के बीते 14 वर्ष बाद उठाई जाने वाली आपत्ति तथ्य के अनुकूल नहीं है।
उन्होंने विद्यालय भवन को शीघ्र ही आवासीय परिसर के हिस्सा से अलग करने और विद्यालय भवन में ही पढ़ाई चालू करवाने की मांग जिला प्रशासन से करते हुए आग्रह किया है कि उक्त बाबूचंद्र को उचित जगह पर खेती की जमीन बंदोबस्त कर दी जाए।
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