एस.पी.सक्सेना/बोकारो। झारखंड राज्य (Jharkhand state) विद्युत निगम लिमिटेड की कारस्तानी दिनोंदिन लोगों के गले का फांस बनता जा रहा है।
उपभोक्ता बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर लगातार कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी, कर्मचारी कान में तेल डालें सोए हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की फरियाद सुने तो कौन?
इसी प्रकार का एक माजरा 11 फरवरी को बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में कथारा स्थित झारखंड विद्युत निगम लिमिटेड कार्यालय में देखने को मिला। जब जरिडीह बाजार निवासी उपभोक्ता माला देवी के पति महेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने अपनी आप बीती सुनाई।

उन्होंने बताया कि वे बीते तीन माह से लगातार बिजली बिल की गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी अब तक उनके बील में सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह का जमा बील विभाग के कंप्यूटर में नहीं दिखाए जाने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में कथारा कार्यालय के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सितंबर 2021 तक बिजली बिल जमा लेने का ठेका एस्ट्रो कंपनी के जिम्मे था, जबकि अक्टूबर माह से एचसीएल के जिम्मे है। जिसके कारण एक माह का बिजली बिल में तकनीकी गड़बड़ी हो रही है।
जिसे शिकायत मिलने के बाद दुरुस्त किया जा रहा है। कर्मचारी के अनुसार विस्तृत जानकारी विभागीय अभियंता हीं दे सकते हैं। इस विषय में जेवीवीएनएल गोमियां (JVVNL Goliyan) और कथारा के कनीय अभियंता नरेश मिंज के दूरभाष क्रमांक 9934994341 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। बावजूद इसके रिंग तो बज रहा था, लेकिन साहब फोन उठाना मुनासिब नहीं समझे। ऐसे में उपभोक्ताओं की फरियाद कौन सुनेगा?
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