चेंबूर के चरई तालाब पर होगा छठ पूजा

कोविड के नियमों का पालन करें छठ व्रती

मुश्ताक खान /मुंबई। बिहारी एकता मंच द्वारा छठ पुजा महोत्सव के दौरान चेंबूर के चरई तालाब परीसर में वैक्सीनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया है। ताकि जो लोग अबतक वैक्सीन से वंचित हैं उन्हें भी वैक्सीनेट किया जा सके। इस अवसर पर आरटीपीसीआर की व्यावस्था भी की गई है। इन्हीं शर्तो के साथ मनपा परिमंडल पांच द्वारा छट्ठी मईया की पुजा करने की अनुमति मिली है। यह जानकारी बिहारी एकता मंच के अध्यक्ष कौशल कुमार मिश्र ने दी है।

मिली जानकारी के अनुसार कोविड -19 कि तिसरी लहर के अंदेशा को देखते हुए हर साल की तरह इस वर्ष महाराष्ट्र सरकार ने समुद्री तटों या मनपा के तालाबों पर छठ पुजा मनाने की अनुमति नहीं दी। इससे छठ व्रतियों में भारी नाराजगी थी। लेकिन शिवसेना के स्थानीय नगरसेवक श्रीकांत शेट्ये के प्रयास से मनपा के आला अधिकारियों ने विभिन्न शर्तो पर पुजा करने की अनुमति दे दी है।

बिहारी एकता मंच के अध्यक्ष कौशल कुमार मिश्र ने बताया की चेंबूर के चरई तालाब पर 10 और 11 नवंबर को छठ पुजा मनाने की अनुमति मिल गई है। छठ पूजा का प्रारंभ चतुर्थी तिथि को नहाय खाय से होता है, फिर पंचमी को लोहंडा और खरना होता है। उसके बाद षष्टी तिथि को छठ पूजा होती है, जिसमें सूर्य देव को शाम का अर्घ्य अर्पित किया जाता है।

इसके बाद अगले दिन सप्तमी को सूर्योदय के समय उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं और फिर पारण करके व्रत पूरा किया जाता है। तिथि के अनुसार, छठ पूजा 4 दिनों की होती है। आस्था के इस महोत्सव में छट्ठी मईया के व्रतियों को लगातार 36 घंटे का व्रत खना पड़ता है। व्रत के दौरान वह पानी भी ग्रहण नहीं कर सकते हैं। यह व्रत संतान प्राप्ति के साथ-साथ परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी रखा जाता है।

छठ पूजा के दौरान बहुत ही विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ कई नियमों का पालन भी करना होता है। यह व्रत जितना कठिन होता है उतने ही कठिन इसके नियम हैं। बहरहाल मिश्रा ने छठ व्रतियों से अग्रह किया है कि पुजा में आने वाले सभी सरकारी नियमों का पालन करें।

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