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लोक सेवा आश्रम पहुंचा ग्यारहवें रुद्रावतार हनुमानजी की अष्टधातु प्रतिमा

ढ़ाई टन के प्रतिमा निर्माण पर लगभग 36 लाख रुपए खर्च

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर के रहिवासियों के लिए श्रावण माह में बड़ी खुशखबरी है। अष्टधातु की 11 फीट ऊंचे ग्यारहवें रुद्रावतार हनुमानजी की प्रतिमा 17 जुलाई को लोकसेवा आश्रम लाया गया। यहां निर्माण हो रहे हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस प्रतिमा का वजन लगभग ढ़ाई टन है, यानि लगभग 18 क्विंटल। प्रतिमा के निर्माण पर लगभग 36 लाख रुपए खर्च आए हैं।

ज्ञात हो कि, अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर बीते 30 अप्रैल को लोक सेवा आश्रम परिसर में श्रीराम भक्त महावीर (हनुमानजी) मंदिर का निर्माण का कार्य आरंभ किया गया था। इस अवसर पर आश्रम के महंत एवं बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष संत विष्णु दास उदासीन उर्फ मौनी बाबा एवं आश्रम के भक्त अनिल सिंह गौतम ने निर्माण स्थल पर विधिवत पूजा अर्चना की थी। मौनी बाबा के अनुसार इस मंदिर निर्माण पर लगभग चार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

इससे पूर्व सूर्य और शनि मंदिर का निर्माण करा चुके हैं अनिल सिंह गौतम

संत मौनी बाबा ने बताया कि आश्रम के परम भक्त प्रसिद्ध समाजसेवी अनिल सिंह गौतम के द्वारा हनुमान मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। बताया कि आश्रम में इससे पूर्व लोक ख्याति प्राप्त सूर्य एवं शनि मंदिर का निर्माण भी उन्होंने ही कराया था। उक्त मंदिर निर्माण का कार्य भुवनेश्वर (उड़ीसा) के वास्तुकारों ने शुरु किया है। बरसात में फिलहाल कुछ दिनों से कार्य बंद है। मंदिर का निर्माण उड़ीसा वास्तुकला की तर्ज पर हो रहा है।

इस संबंध में समाजसेवी एवं धर्मानुरागी अनिल सिंह गौतम ने कहा कि महावीर बजरंग बली की अष्टधातु प्रतिमा डेढ़ साल में बनकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा का वजन लगभग ढ़ाई टन है, यानि लगभग 18 क्विंटल प्रतिमा का वजन है। बताया कि प्रतिमा निर्माण पर लगभग 36 लाख रुपए खर्च आए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण का कार्य लगभग डेढ़ साल में पूरा होने की संभावना है।

गुंबज सहित हनुमान मंदिर निर्माण पर होंगे लगभग चार करोड़ खर्च

धर्मानुरागी अनिल सिंह गौतम ने बताया कि गुंबज सहित मंदिर निर्माण पर लगभग चार करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा के ही शिल्पकारों ने सूर्य एवं शनि देव की प्रतिमा का निर्माण किया था और वास्तुकारों ने
मंदिर का। अब यही वास्तुकार बजरंग बली के मंदिर का निर्माण का कार्य कर रहे हैं। मंदिर निर्माण का कार्य कर रहे वास्तुकार लिंग राज ने इससे पूर्व एक भेंट में बताया था कि बिहार एवं झारखंड में इतनी बड़ी अष्टधातु की प्रतिमा अन्यत्र और कहीं नहीं है।

ज्ञात हो कि, आश्रम परिसर में बजरंग बली का भव्य मंदिर बनाने को लेकर कार्तिक पूर्णिमा मेला के अवसर पर बीते वर्ष 15 नवंबर 2024 को लोक सेवा आश्रम के संत विष्णुदास उदासीन मौनी बाबा के संरक्षण में हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चंद्र शास्त्री ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ सबलपुर बभनटोली रहिवासी धर्मानुरागी यजमान अनील कुमार सिंह गौतम के हाथों भूमि -पूजन सम्पन्न कराया था।

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