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जमसं नेताओं ने धरना प्रदर्शन को लेकर प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

सैप गड़बड़ी से परेशान जमसं 15 नवंबर को करेगा महाप्रबंधक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला (Bokaro District) के हद में जनता मजदूर संघ ढोरी क्षेत्र के नेताओं द्वारा सैप में गड़बड़ी की परेशानी को लेकर 15 नवंबर को महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना सहायक कार्मिक प्रबंधक मोहम्मद तौकीर आलम को लिखित पत्र देकर किया।

यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष धीरज पांडेय और क्षेत्रीय सचिव विकास कुमार सिंह ने 10 नवंबर को मीडिया से जानकारी साझा करते हुए कहा कि अचानक सैप लागू कर दिया गया।

किसी तरह का कोई प्रशिक्षण सैप शुरू करने से पहले न किसी अधिकारी को दिया गया, न ही किसी कर्मचारी को। फिर भी कोल् इंडिया में सिस्टम लागू कर दिया गया। यह जानने की कोशिश नहीं की गई कि इससे कितनी परेशानी हो रही है और इसके निदान क्या है।

वक्ताओं ने कहा कि कोल इंडिया (Coal India )की अनुसंगी सीसीएल में बीते कुछ महीनों से वेतन भुगतान कोल नेट के जरिए सैप से किया जा रहा है। कहा कि सैप की विसंगतियों की वजह से कोयला कर्मी बेहद परेशान है। कहा कि जब से सैप आया है, समय पर न तो पैसे मिलते हैं, न तो सैलेरी स्लिप (वेतन पर्ची)।

यहां तक कि कई मदों में पैसे सैलरी से मनमाने ढंग से काट लिए जाते हैं और कम पेमेंट किये जा रहे है। जिसकी व्याख्या करने वाला कोई नहीं है। सैप से जुड़ी परेशानियों के निदान के लिए न तो कोई विभाग बनाया गया और न ही कोई मॉनिटरिंग सिस्टम की शुरूआत की गई है। सैप की वजह से नाहक ही समस्याएं उत्पन्न हो रही है। जिससे औद्योगिक संबंध पर आंच आ रही है और उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि कोल इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। सैप किसी भी सरकारी संस्थान में विकसित नहीं किया गया है।
लोक उद्यम से जुड़ी कंपनी द्वारा जानबूझकर अधिकारियों-कर्मियों को परेशानी में डाला गया है।

कहा कि इससे कामगारों को आर्थिक और मानसिक नुकसान हो रहा है। कहा गया कि जो कंपनी में काम कर रहे हैं, उन्हें तो सैप से दिक्कत हो ही रही है, रिटायर करने वालों को भी पीएफ से लेकर ग्रेच्युटी तक में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर नवीन श्रीवास्तव, उज्जवल मुखर्जी, प्रमोद कुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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