एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। पुष्पा मुखर्जी जयंती के अवसर पर 16 जून को गाँधी मैदान पटना के समीप कालिदास रंगालय परिसर में लोक पंच की प्रस्तुति बेटी पढ़ कर क्या करेगी नाटक का मंचन किया गया।
उक्त नाटक को देखने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी।
चर्चित कलाकार मनीष महीवाल के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक बेटी पढ़ कर क्या करेगी का कथासार के अनुसार नाटक बेटी पढ़ कर क्या करेगी बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के कारण होने वाले दुष्परिणामों को दर्शाता है।
कैसे मां-बाप अपनी बेटियों को पढ़ाने लिखाने के बजाय उनकी शादी-ब्याह कर अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाने में लगे रहते है। इसमें दिखाया गया कि अगर लड़कियों को सही ढंग से शिक्षा-दीक्षा और मार्गदर्शन मिले तो वह समाज में मिसाल कायम कर सकती हैं। इस नाटक में बताया गया कि मुनिया अभी नाबालिक है।

वह अपने माता-पिता से अनुरोध करती है कि, अभी उसका ब्याह ना करे। उसे पढ़ने लिखने की इजाजत दें। पर उसके माता पिता मजबूरी बस उसके बात को अनदेखी करते हैं और मुनिया को सजा-धजा कर शादी के मंडप पर बैठा देते हैं। उक्त नाटक का उदेश्य खासकर महिला शिक्षा का सशक्तिकरण को दर्शाना है।
प्रस्तुत नाटक में हेमा राज, अमन आयुष्मान, रजनीश पांडेय, देवेन्द्र कुमार चौबे, कृष्णा देव, पूनम राज, अजित कुमार, रोहित चंद्रवंशी, प्रियांशु कुमार आदि कलाकारों ने अपने अभिनय को बेहतरीन ढंग से दर्शकों के बीच प्रस्तुत किया।
जबकि मंच से परे रूप सज्जा अमन आयुष्मान, प्रॉपर्टी कृष्ण देव, प्रकाश उपेंद्र कुमार, ध्वनि हर्ष आनंद, प्रस्तुति नियंत्रक रजनीश पांडेय, लेखक नीरु कुमारी तथा निर्देशन मनीष महिवाल ने किया।
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