कर्ज में डूबे परिवार की आत्महत्या की हो उच्च स्तरीय जांच-बंदना सिंह
प्रहरी संवाददाता/समस्तीपुर (बिहार)। गरीबी और आर्थिक तंगी के कारण कर्ज में डूबे समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में विद्यापतिनगर थाना के मऊ में एक हीं परिवार के पांच लोगों ने फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल देखा जा रहा है।
विद्यापतिनगर के मऊ में मनोज झा, उनकी बुढ़ी माँ, पत्नी एवं दो पुत्र द्वारा आत्महत्या कर लेने की घटना पर भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सह ऐपवा समस्तीपुर जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
इस संबंध में महिला नेत्री सिंह ने 5 जून को कहा कि ग्रामीणों के अनुसार मनोज झा का परिवार काफी गरीब था। वे लोन पर टेम्पू लेकर परिवार का भरण पोषण करते थे। इससे भी काम नहीं चलने पर वे जीवन- यापन के लिए महाजनी एवं समूह से कर्ज ले चुके थे।
वे आमदनी के अभाव में कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ता जा रहा था। महिला नेत्री के अनुसार 5 जून को कर्ज चुकाने का डेट था। मृतक झा इसे झेल नहीं पाये और सपरिवार आत्महत्या कर लिये।
उन्होंने बताया कि करीब 6 माह पूर्व मृतक झा के पिता द्वारा भी आत्महत्या कर लेने की बात ग्रामीणों ने बताया।
माले नेत्री नेत्री सिंह ने घटना को दु:खद बताते हुए उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने इस आशय से संबंधित एक बयान जारी कर कहा है कि नोटबंदी, कोरोना के बाद बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं। अधिकांश गरीब परिवार को जीवन जीना मुश्किल हो रहा है। रोटी- कपड़ा- मकान के साथ शिक्षा- चिकित्सा असंभव- सा रो रहा है। इसकी पूर्ति करने को अधिकांश गरीब परिवार महाजनी एवं समूह, बैंक के कर्ज में डूबते जा रहे हैं।
उन्होंने सरकार (Government) से गरीबों के बैंक लोन, समूह के कर्ज माफ करने, जनधन खाताधारकों को ब्याज रहित 2 लाख रूपये लोने देने, पीडीएस के माध्यम से चावल- गेहूं के अलावे सरसों तेल, दाल, नमक, चीनी, बच्चे की कापी समेत अन्य अत्यावश्यक सामग्री देने की मांग की है।
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