प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला (Giridih district) के हद में बगोदर स्थित शाश्वत मैरेज हॉल में 9 फरवरी को संघर्ष समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें अगामी 12 फरवरी को बगोदर बस स्टैंड में आक्रोश रैली व सभा का आयोजन करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम (Program) में मुख्य वक्ता के रूप में टाइगर जय राम महतो उपस्थित होंगे। आयोजित बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न इलाके से विभिन्न वर्ग और समुदाय के लोग शामिल हुए। बैठक में आक्रोश रैली सह सभा को ऐतिहासिक बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से सरकार (Government) के द्वारा जबरन भाषा थोपने का विरोध किया जाएगा। साथ ही 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नियोजन नीति लागू किए जाने की मांग की जाएगी। इसके लिए कार्यक्रम की रणनीति बनाई गई।
बैठक में इलाके से हजारों की संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आस पास के क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए गांव- गांव में बैठक भी आयोजित किया जा रहा है। राजनीतिक चेहरे और झंडा – बैनर को इससे कोसों दूर रखा जाएगा।
बैठक में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि हमारे पूर्वजों की शहादत के बाद अलग राज्य झारखंड (State Jharkhand) का गठन हुआ। दुर्भाग्य की बात है कि अलग राज्य गठन के 21 साल बाद भी झारखंड में स्थानीय नियोजन नीति तय नहीं हुई है। ऊपर से बाहरी भाषा को थोपने का काम सरकार ने किया है।
इससे झारखंड अलग राज्य होने का लाभ झारखंड के मूल वासियों को नहीं मिल रहा है। कुलदीप महतो ने कहा की झारखंड की भाषा एवं संस्कृति को विलुप्त होने नहीं दिया जाएगा। आने वाले पीढियों के समुचित विकास एवं झारखंड अलग राज्य निर्माण का लाभ मिल सके, इसके लिए 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नियोजन नीति लागू किया जाय।
बैठक की अध्यक्षता दुर्गा प्रसाद राणा एवं संचालन कुलदीप महतो ने किया। मौके पर छोटेलाल यादव, छोटन प्रसाद छात्र, बीस सूत्री अध्यक्ष सरवर खान, अजीत शर्मा, अनुप कुमार, नितेश पटेल, राजू सिंह, दिनेश साहू, भारत गुप्ता, सुनील स्वर्णकार, कैलाश चौधरी, आदि।
अरबिंद कुमार, अलोकिक सागर, नागेश्वर प्रसाद, राजू साव, मन्नू साहू, सुखदेव राणा, शहनवाज अंसारी, मुमताज अंसारी, कैलाश मिस्त्री, नेमचंद सिंह, ओम प्रकाश महतो, प्रवीण चौधरी, बलदेव महतो आदि उपस्थित थे।
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