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सत्यालोक ने नरकी में अध्ययनरत बच्चों को किया पुरस्कृत

प्रहरी संवाददाता/गोमियां (बोकारो)। स्वयंसेवी संस्था सत्यालोक के सदस्यों ने 6 फरवरी को बोकारो जिला के सीमांकन हजारीबाग जिला के हद में नरकी पहुंच वहाँ पढ़ रहे सभी बच्चो को पुरुस्कृत किया। उनके बीच पाठ्य सामग्री का वितरण कर बच्चो के मनोबल को बढ़ाने का काम किया।

इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एस एन राय ने कहा कि ‘सत्यलोक – एक नई आशा’ जो एक समाजसेवी संस्था है, बीते 20 वर्षो से समाज सेवा के लिए कार्यरत है। अन्य कई सामाजिक कार्यों के अलावा मुख्य रूप से करीब पिछले दो वर्ष से 200 से अधिक गरीब बच्चों को निःशुल्क, बेहतर और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा की यह पहल तीन विभिन्न स्थानों पर शुरू की गई है नरकी, पिपराडीह और गांधीग्राम। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस सत्यलोक संस्था ने नरकी के बच्चों के बीच मनाई थी। जिसमें बच्चो ने चित्रकला, नृत्य और गायन प्रतियोगिता में भाग लिया और माहौल को मनमोहक बनाया।

सत्यलोक के सदस्यों ने नरकी पहुंच उन सभी बच्चो को पुरुस्कृत किया और उनके साथ खेल कूद में हिस्सा ले, उन्हें और अच्छे से पढ़ाई करके जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। पुरुस्कार पाने वाले बच्चो के अतिरिक्त सभी बच्चो के बीच पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया।

मौके पर संस्थापक राय ने बच्चो को और दिल लगाकर पढ़ाई करने के लिए कहा। उन्होंने एक प्रेरणादायक कहानी सुनाई और अच्छी शिक्षा के लिए हर संभव मदद पहुंचाने की बात कही। बच्चों से मिलने के अतिरिक्त संस्था के सदस्यों ने गाँव घूमकर बच्चो को पढ़ने के लिए भेजने के लिए अभिभावकों को समझाया।

नरकी में शिक्षा की हमारी पहल को आगे बढ़ाने का बीड़ा सत्यलोक के सक्रिय सदस्य गणेश कुमार ने उठाया है, जो स्वयं लगभग 80 बच्चो को पढ़ाते हैं।

उन्हें किताबी शिक्षा के साथ-साथ खेल खुद से संबंधित प्रतिभाओं को खोज कर उन्हे उड़ान देना और उनके लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करके, पिछड़े हुए वर्गो को मुख्य समाज के बराबर में लाने के उद्देश्य से ये संस्था बीते 20 वर्षो से लगातार पूरी तत्परता के साथ काम कर रही हैं।

इस मौके पर संस्था के संस्थापक सत्येंद्र राय, गणेश कुमार, आनंद निषाद, अभिनव कुमार, सत्यार्थ शुभम, शुभम कुमार, रोहन कुमार, प्रिती कुमारी, कुणाल रंजीत, सुबोध कुमार, अमीत कुमार एवं रितेश कुमार आदि मौजूद थे, जबकि पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों में पुनम, सपना, रानी, प्रिती, किरण, श्वेता, चंदन, जयंती, अंशु, नीलम, कल्पना आदि शामिल थे।

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