एस.पी.सक्सेना/बोकारो। सीसीएल (CCL) मुख्यालय रांची के महाप्रबंधक सिविल आलोक चंद्र महाराणा ने 23 दिसंबर को बोकारो जिला के हद में ढोरी एवं कथारा क्षेत्र का दौरा किया।
दौरे के क्रम में कथारा अतिथि गृह सभागार में पत्रकारों से एक भेंट में जीएम सिविल महाराणा ने कहा कि यहां आने का उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में हो रहे पेयजल समस्या का समाधान करना है। जिसके निदान हेतु कथारा क्षेत्र में स्वांग एवं गोबिंदपुर में मेकॉन कंपनी के सहयोग से दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (Water Treatment Plant) लगाया जाएगा।
इसके अलावा कथारा स्थित फिल्टर प्लांट का रिनोवेशन करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सीसीएल द्वारा घोषित कायाकल्प योजना को अभी पूरा नहीं होने के पीछे कई कारण है। इस संदर्भ में महाराणा ने कहा कि इसके पीछे पहला तो इसमें दो पार्टी का पार्टिसिपेशन है।
दूसरा उन ठेकेदारों की अपनी कुछ व्यक्तिगत परेशानी भी शामिल है।इस दौरान कोविड-19 से उत्पन्न हुई समस्याओं के तथा कुछ ठेकेदारों की आपसी कंट्रोवर्सी को लेकर इसे अबतक पुरा नहीं जा सका है।
उन्होंने बताया कि कंपनी स्तर पर सिविल विभाग में 138 सिविल इंजीनियर की आवश्यकता है, जबकि मात्र 62 ही कार्यरत हैं। उसी तरह 130 ओभरसियर की आवश्यकता है, पर उपलब्ध मात्र 66 है। इसी तरह मुख्यालय स्तर पर मेन पावर का अभाव है।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया स्तर पर इस साल सिविल इंजीनियरों की बहाली की गयी, जिसमें सबसे अधिक 15 इंजीनियर सीसीएल को दिया गया। जबकि आधे इंजीनियर ने यहां के बजाय दूसरे जगह चले गये।
बरसात में कंपनी आवासों की छतों से पानी सीपेज होने के संदर्भ में जीएम सिविल ने कहा कि यह मुख्य रूप से दो कारणों पर निर्भर करता है। एक तो भवन का कंस्ट्रक्शन और दूसरा ब्लास्टिंग।
उक्त अवसर पर सीसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधक सिविल के अलावे मेकॉन कंपनी असैनिक विभाग की टीम तथा कथारा प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक सिविल सुमन कुमार उपस्थित थे।
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