Advertisement

समादेष्टा की अध्यक्षता में तंबाकू के दुष्प्रभाव पर प्रशिक्षण का आयोजन

प्रहरी संवाददाता/बोकारो। झारखंड सशस्त्र पुलिस-चार के समादेष्टा अश्विनी कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में 18 दिसंबर को सभी जवानों को तंबाकू के दुष्प्रभाव वह मानसिक स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बोकारो जिला (Bokaro district) परामर्शी द्वारा तंबाकू के दुष्प्रभाव व कोटपा अधिनियम 2003 के विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर जैप चार के समादेष्टा सिन्हा ने पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू का प्रयोग करने वालों में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जीवन जीने के लिए है।

अपने जीवन काल में देश व अपनों की सेवा के लिए है। इसे कैंसर के हाथों में न सौपें। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन के प्रति लोगों में बदलाव की जरूरत है।

जिला परामर्शी मोहम्मद असलम ने बताया कि झारखंड में कुल आबादी का 38.9 प्रतिशत तंबाकू का प्रयोग किसी न किसी रूप में करते हैं, जिसमें 59.7 प्रतिशत पुरुष, 17 प्रतिशत महिलाएं व 13-15 साल के बच्चे 5.1 प्रतिशत है।

उन्होंने कोटपा अधिनियम 2003 की धारा-4 सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान पर प्रतिबंध, धारा-5 सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध, धारा-6/A 18 वर्ष से कम आयु के अवयस्कों को तंबाकू पदार्थ बेचने पर प्रतिबंध, आदि।

धारा- 6/B शिक्षण संस्थान के 100 गज अथवा 300 फिट की परिधि में सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध, धारा-7 बिना विशिष्ट चेतावनी के सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के बारे में जानकारी दिया। साथ ही इससे संबंधित दंड व् जुर्माना के बारे में भी बताया।

प्रशिक्षण के दौरान सभी जवानों को बताया गया कि जो भी तंबाकू का उपयोग करते हैं और छोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र से अवश्य संपर्क करना चाहिए।

जहां पर उपलब्ध है सुविधाओं के बारे में जैसे परामर्श सेवा कार्बन मोनोऑक्साइड के माध्यम से ब्लड के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड की स्थिति की जांच, स्पायरोमीटर के माध्यम से फेफड़े की स्थिति की जांच व एनआरटी दवाओं की सुविधा के बारे में बताया गया।

साथ ही साथ तंबाकू की लत से अपने आप को आजाद करने के लिए सरकार द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 180011 2356 के बारे में भी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत कुमार मिश्रा के द्वारा तनाव और तनाव से मुक्ति हेतु अपनाए जाने वाली प्रक्रिया के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत कुमार मिश्रा, जिला परामर्शी मोहम्मद असलम व झारखंड सशस्त्र पुलिस चार के जवान उपस्थित थे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *