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पारंपरिक तरीके से क्षेत्र में मनाया गया कर्मा पर्व

करम डाली स्थापित कर बालाएं व युवतियां जावा डाली के साथ खूब थिरकी

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। आज 17 सितंबर को भाद्रमास शुक्लपक्ष एकादशी तिथि है। हरेक वर्ष इसे करम एकादशी बतौर व्रत मनाए जाने की परंपरा है।

किवदंती के अनुसार कर्मा, धर्मा नामक दो भाइयों की जीवन से इस व्रत का संबंध जुड़ा हुआ है। क्षेत्र की बालाएं व विवाहित युवतियां अपनी ससुराल से मायके आकर इस पावन व्रत को करती हैं।

पेटरवार प्रखंड के हद में सभी 23 पंचायतों में बालाएं गांव की हर मुहल्ले में बीते पंचमी तिथि को नदी, खांजो, जोरिया, तालाब, नहर आदि विभिन्न जलाशयों में जाकर स्नान करके बांस की नई टोकरी, डाली, टूपा आदि में बालू डाल नौ प्रकार की अनाज उसमें बोती है।

नित्य सुबह से देर रात तक कई बार जावा को सामूहिक नृत्य व करम गीत गाकर उसे जगाती हैं। प्रखंड के हद में अंगवाली उत्तरी पंचायत में लगभग एक दर्जन स्थलों पर देर रात करम डाली स्थापित कर विधिवत पूजा की गई।

अंगवाली उत्तरी, सड़क टोला ऊपर क्षेत्र स्व बुटु रजवार के सुपुत्र धनु रजवार के भगताइन की कुल्ही के निकट दर्जनों युवतियां, बालाएं व महिलाएं स्थापित ‘करम डाली’ के समक्ष जावा गीत गाते हुए सामूहिक रूप से जमकर नृत्य की।

डाली गाड़ने में सोमर रजवार की भूमिका रही, जबकि टोली में मीना देवी, किरण देवी, कुंती देवी, वीणा देवी, आरती देवी, काजल देवी, हीरू देवी, आशा देवी, कविता देवी, ममता देवी, आदि।

दीपा देवी, पूनम देवी, प्रीति कुमारी, आकृति कुमारी, सुधा कुमारी, मिस्टी कुमारी, चिंतू कुमारी, लता कुमारी, कशिश कुमारी, सलोनी कुमारी आदि शामिल थी। दूसरी ओर खबर है कि अंगवाली दक्षिणी पंचायत के करमा चौकी टोला में व्रतधारी युवतियों के बीच चांदो के गडरी निवासी एवं झामुमो के जिला कोषाध्यक्ष अशोक मुर्मू ने पचास लीटर दूध व पूजन सामग्री का वितरण किया।

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