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हॉलपेक फंसने से घंटों बाधित रहा कोल ट्रांसपोर्टिंग

प्रहरी संवाददाता/बोकारो थर्मल(बोकारो)। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में बोकारो थर्मल और गोमियां के बीच कोनार नदी पर स्थित लालपुल पर सीसीएल (CCL) का हॉलपेक फंस गया। 85 टन भार क्षमता वाला हॉलपेक फंसने के कारण सीसीएल का कोल ट्रांसपोर्टिंग बंद हो गया। जिससे लगभग 12 घंटे तक कोयला ट्रांसपोर्टिंग पूर्णत: बाधित रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 6 सितंबर की रात को 85 टन भार क्षमता का भारी वाहन (हॉलपेक) पुल से गुजर रहा था। जिसके कारण पुल का किनारा धंस गया। ऑपरेटर को पुल धंसने का एहसास होने पर उसने वाहन को वहीं रोक दिया।

बताया जाता है कि सीसीएल कथारा क्षेत्र के गोविंदपुर परियोजना से कथारा और जारंगडीह कोलियरी में कोल ट्रांसपोर्टिंग कोनार नदी में बने लालपुल के रास्ते होता है। बीती रात गोविंदपुर परियोजना से हॉलपेक जारंगडीह कोलियरी जा रही थी। इस दौरान लालपुल पर वह अटक गई।

दूसरे दिन 7 सितंबर को मरम्मत करने के बाद हॉलपेक को वहां से बाहर निकाला जा सका। इस दौरान बोकारो थर्मल से गोमियां जाने का उक्त मार्ग बंद रहा। इसे लेकर ग्रामीण रहिवासियों ने प्रबंधन से सड़क मरम्मत करने की मांग की है। रहिवासियों ने कुछ देर हॉलपेक निकालने में लगे सीसीएल कर्मियों को काम करने से रोक दिया। पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद काम शुरू हो सका।

जानकारी के अनुसार सीसीएल ने गोविंदपुर परियोजना से कोल ट्रांसपोर्टिंग के लिए वर्ष 1993 में कोनार नदी में यह पुल बनाया था। इसके पहले गोविंदपुर से कोल ट्रांसपोर्टिंग डीवीसी के बोकारो थर्मल के आवासीय कॉलोनी से किया जाता था। इससे लोगों को परेशानी होती थी।

डीवीसी प्रबंधन की आपत्ति के बाद सीसीएल ने कोनार नदी पर लोहा पुल का निर्माण कराया और कोयला ट्रांसपोटिंग इस मार्ग से शुरू किया गया। उक्त पुल के बने लगभग 28 वर्ष हो चुका है। फिलवक्त भारी वाहनों के आवागमन और हर साल नदी का बाढ़ झेल रहा यह पुल काफी जर्जर हो गया है।

जगह-जगह लोहा सड़ कर टूट चुका है। यहां पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं। सीसीएल प्रबंधन इस पर बार-बार केवल आश्वासन देता रहा है, लेकिन पुल का मरम्मति नहीं कराया जा सका। अगर यही स्थिति रही तो यहां किसी दिन बड़ा हादसा होने से इनकार भी नहीं किया जा सकता।

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